हमारे देश में धीरे-धीरे ऑटोमोबाइल मार्केट आगे बढ़ रहा है और हर महीने नई टेक्नोलॉजी सामने आ रही है. जबकि विदेशों में अब बिना ड्राइवर वाली गाड़ियां चलने लगी हैं. जिसमें इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला का नाम भी शामिल है. टेस्ला की कई गाड़ियां बिना ड्राइवर के चलती हैं. लेकिन अब कंपनी ने एक बड़ा खुलासा किया है. जिसके बाद इस बात को लेकर जमकर चर्चा चल रही है. दरअसल कंपनी के मालिक एलन मस्क ने खुलासा किया कि उनकी कंपनी रोबोटैक्सी पूरी तरह क्यों नहीं चल पा रही हैं.

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जबकि मस्क के मुताबिक रात के वक्त सड़कों पर छोटे जानवरों को पहचानना कार के कैमरों के लिए एक बेहद मुश्किल चुनौती साबित हो रहा है. उन्होंने बताया कि कंपनी कि सबसे बड़ी योजना है कि रात में कोई बेजुबान जानवर कार की चपेट में न आए. चलिए जानतें हैं खबर कि पूरी जानकारी.

कंपनी के लिए है सबसे बड़ी चुनौती

आपको बता दें कि टेस्ला कंपनी की रोबोटैक्सी केवल कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विजन सिस्टम पर काम करती है. दिन के उजाले में सिस्टम सड़कों पर इंसानों, दूसरी गाड़ियों और रास्तों को आसानी से पहचान लेता है. लेकिन रात के अंधेरे में जब रोशनी बहुत कम होती है तब छोटे जानवर जैसे बिल्ली या कुत्ते के बच्चे कैमरों में आसानी से दिखाई नहीं देते.

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जिसके बाद मस्क ने साफ किया कि जब तक एआई सिस्टम इन जानवरों को सटीक तरीके से डिटेक्ट करने में पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता. तब तक रात में इसके इस्तेमाल को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता.

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अब एक घंटे हुआ समय

वहीं रात की इस बड़ी समस्या के कारण टेस्ला ने ऑस्टिन में अपनी रोबोटैक्सी सेवा के ऑपरेटिंग समय को केवल 1 घंटे बढ़ाने का फैसला किया है. पहले यह सर्विस रात 10 बजे तक ही चलती थी. लेकिन अब इसे बढ़ाकर 11 बजे तक कर दिया गया है.

लेकिन कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल समय बढ़ाने से प्रॉब्लम का सलूशन नहीं होता. रात के 10 बजे हो या 11 बजे सड़क पर अंधेरा तो बराबर ही रहता है. जब तक कार में नाइट विजन डिटेक्शन क्षमता को अपग्रेड नहीं किया जाता तब तक यह खतरा बना ही रहेगा.

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टेक्नोलॉजी पर उठे कई सवाल

इस खबर के बाद अब ऑटोमोबाइल मार्केट में टेस्ला की विजन-ओनली टेक्नोलॉजी पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. टेस्ला अन्य कंपनियों की तरह अपनी गाड़ियों में लिडार या रडार सेंसर्स का उपयोग नहीं करती बल्कि सिर्फ कैमरों पर निर्भर रहती है.

जबकि दूसरी तरफ वेमो जैसी अन्य सेल्फ ड्राइविंग कार कंपनियां लिडार, रडार और कैमरों के मिक्स कॉम्बिनेशन का उपयोग करती हैं. जिससे उनकी गाड़ियां अंधेरे में भी लेजर लाइट की मदद से 3D इमेज बनाकर वस्तुओं को आसानी से पहचान लेती हैं. मस्क द्वारा बताई गई इस कमी से यह साफ़ होता है कि सिर्फ कैमरों के दम पर 100% सुरक्षित ऑटोनॉमस ड्राइविंग देना कितना कठिन है.

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हो रहें हैं नए बदलाव

आपको बता दें कि इस परेशानी से पार पाने के लिए टेस्ला की सॉफ्टवेयर टीम अपने न्यूरल नेटवर्क और एआई मॉडल को लगातार अपडेट करने में जुटी हुई है. कंपनी अपने सॉफ्टवेयर में लाखों नए नाइट-ड्राइविंग डेटा और लो-लाइट इमेजेस को फीड कर रही है ताकि एआई कम रोशनी में भी छोटे-से-छोटे ऑब्जेक्ट को पहचान सके.

जबकि इसके अलावा मस्क का दावा है कि सॉफ्टवेयर में सुधार के बाद यह समस्या जल्द ही हल हो जायेगी और इसके बाद रोबोटैक्सी को पूरी रात चलाया जा सकेगा. हालांकि सेफ्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिना किसी नये सेंसर्स के जानवरों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ा जोखिम हो सकता है.

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