गर्मियों का पारा बढ़ते ही सिर्फ इंसानों को ही नहीं,बल्कि आपकी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को भी एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है. चिलचिलाती धूप और हाई टेम्परेचर का सबसे बुरा असर EV की जान यानी उसकी लिथियम-आयन बैटरी पर पड़ता है.अगर इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही बरती गई.तो बैटरी की लाइफ और परफॉर्मेंस दोनों वक्त से पहले दम तोड़ सकती हैं.
भारतीय बाजार में पेट्रोल -डीजल की कीमत बढ़ती जा रही है. इसके कारण लोग इलेक्ट्रिक वाहन की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जिसके कारण ईवी की मांग में तेजी भी दिखाई दे रही है. अगर आपके पास भी इलेक्ट्रिक वाहन है तो आपके लिए आज की ये खबर काफी खास है. क्या आप जानते हैं अगर आपके पास ईवी है तो आपको गर्मी के मौसम में खास ख्याल रखना पड़ता है? चलिए आपको बताते हैं कि किन बातों का ख्याल रखकर आप अपनी ईवी को सुरक्षित रख सकते हैं?
गर्मी और बैटरी का रिश्ता समझिए
EV में लगी लिथियम-आयन बैटरी के लिए 20°C से 30°C तक का तापमान सबसे बेहतर माना जाता है, लेकिन भारत में मई-जून के दौरान तापमान अक्सर 45°C से भी ऊपर पहुंच जाता है. ऐसे में तेज गर्मी का सीधा असर बैटरी पर पड़ता है. ज्यादा तापमान के कारण बैटरी की क्षमता कम होने लगती है. चार्जिंग साइकल घट जाते हैं और समय के साथ बैटरी की उम्र भी कम हो जाती है.
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सीधी धूप और ओवरहीटिंग से बचाएं
- अपनी EV को कभी भी सीधे सूरज की रोशनी में लंबे समय तक पार्क न करें.
- हमेशा अंडरग्राउंड पार्किंग, शेड या किसी पेड़ के नीचे गाड़ी खड़ी करें.
- सीधी धूप में खड़ी गाड़ी का केबिन और बैटरी पैक भट्टी की तरह तपने लगता है, जिससे बैटरी सेल्स कमजोर हो जाते हैं.
चार्जिंग का सही समय और तरीका
- गर्मियों में EV को कब और कैसे चार्ज कर रहे हैं, यह बहुत मायने रखता है.
- दोपहर की तेज धूप में चार्जिंग करने से बचें. सबसे बेस्ट है कि आप सुबह जल्दी या रात के वक्त गाड़ी चार्ज करें, जब मौसम थोड़ा ठंडा होता है.
- लंबी राइड से लौटते ही चार्जर न प्लग-इन करें. बैटरी को पहले सामान्य तापमान पर आने दें (करीब 30-45 मिनट),उसके बाद ही चार्जिंग शुरू करें.
फास्ट चार्जिंग पर लगाएं लगाम
भले ही फास्ट चार्जर आपका समय बचाते हैं, लेकिन गर्मियों में इनका लगातार इस्तेमाल बैटरी के लिए 'स्लो पॉइजन' जैसा है. फास्ट चार्जिंग के दौरान भारी मात्रा में हीट जेनरेट होती है. इस मौसम में जितना हो सके रेगुलर AC स्लो चार्जिंग को प्राथमिकता दें.
20-80 का गोल्डन रूल अपनाएं
लिथियम-आयन बैटरी को न तो कभी 0% तक पूरा डिस्चार्ज होने दें और न ही हमेशा 100% तक ठूंस-ठूंसकर चार्ज करें. गर्मियों में बैटरी पर स्ट्रेस कम करने के लिए इसे 20% से 80% के बीच मेंटेन रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है.
थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम की जांच
आधुनिक EV में बैटरी को ठंडा रखने के लिए 'लिक्विड कूलिंग' या थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम होता है.गर्मी शुरू होते ही अपनी गाड़ी की सर्विसिंग कराएं और मैकेनिक से कूलेंट लेवल जरूर चेक करवाएं. ताकि कूलिंग सिस्टम ठीक से काम करता रहे.
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