भारत में पिछले कई सालों में तेजी से एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं. इन्हें बनाने के पीछे मकसद यही है कि कम समय में लंबी दूरी तय की जा सके. लेकिन इन एक्सप्रेसवे पर हर तरह के वाहन चलाने की इजाजत नहीं है. खासकर टू-व्हीलर्स यानी कई एक्सप्रेसवे पर बाइक चलाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है और नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना भी लगाया जाता है. वहीं कुछ केस में बाइक को जब्त भी किया जा सकता है.
इसको लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कहना है कि एक्सप्रेसवे तेज रफ्तार वाहनों के लिए डिजाइन किया गया है. ऐसे में धीमी गति वाले वाहन न सिर्फ ट्रैफिक फ्लो को प्रभावित करते हैं बल्कि गंभीर हादसों का कारण भी बन सकते हैं. अधिकारियों के मुताबिक, इसी जोखिम को कम करने के लिए कई एक्सप्रेसवे पर बाइक न चलाने का फैसला लिया गया है.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
दिल्ली से देहरादून को जोड़ने वाले हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर (गीता कॉलोनी से बागपत तक बने एलिवेटेड सेक्शन पर) मोटरसाइकिल, ऑटो-रिक्शा, ट्रैक्टर और गैर-मोटर चालित वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है. जानकारी के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति प्रतिबंधित वाहन लेकर इस मार्ग पर चलता पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ट्रैफिक नियमों के तहत ऐसे मामलों में भारी जुर्माना लगाया जा सकता है जो 20 हजार रुपये तक पहुंच सकता है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
दूसरा आप दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भी बाइक या कोई और टू-व्हीलर नहीं चला सकते हैं. देश की इस सबसे लंबे एक्सप्रेसवे पर बनाया गया यह नियम सुरक्षा कारणों से लागू किया गया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक की हाई स्पीड लिमिट होती है जो दोपहिया वाहनों के लिए खतरनाक हो सकती है. यहां बाइक चलाने पर आपका 5 हजार रुपये या इससे ज्यादा का चालान कट सकता है.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
अगर आप दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बाइक चलाते हुए पकड़े जाते हैं तो भी आपको 20 हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है. बाइक और स्कूटर जैसे वाहन आमतौर पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलते हैं. लेकिन, एक्सप्रेसवे पर कार की स्पीड 100 किलोमीटर या उससे भी ज्यादा की होती है. ऐसे में एक्सीडेंट से बचने के लिए ये नियम बनाए गए हैं.
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
इसके अलावा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी बाइक ले जाना प्रतिबंधित है और ऐसा करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 5,000 रुपये या इससे ज्यादा का जुर्माना लगाया जा सकता है.
दिल्ली-गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे
दिल्ली-गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे पर भी टू-व्हीलर्स ले जाना मना है. अगर कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
इसके अलावा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, बेंगलुरु–मैसूर एक्सप्रेसवे, दिल्ली–लखनऊ/पूर्वांचल कॉरिडोर (कुछ हिस्सों में प्रतिबंध) और दूसरे कई एक्सप्रेसवे पर भी बाइक चलाना मना है.
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