मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. बड़े लेवल पर तेल की सप्लाई को लेकर चिंता के कारण कई देशों पर इसका असर भी पड़ रहा है. अब इसी कड़ी में साउथ कोरिया ने फ्यूल बचाने के लिए एक खास कदम उठाया है. यहां की सरकार ने 5-डे व्हीकल रिस्ट्रिक्शन सिस्टम लागू किया है, जिसका मतलब है कि अब सभी गाड़ियों को उनकी नंबर प्लेट के आखिरी नंबर के आधार पर 5 अलग-अलग ग्रुप्स में बांटा जाएगा. हर ग्रुप की गाड़ियों को हफ्ते में एक दिन सड़क पर चलाने की इजाजत नहीं होगी, यानी हफ्ते में एक दिन आपकी गाड़ी का इस्तेमाल पूरी तरह बैन रहेगा.
आसान भाषा में कहें तो यह काफी हद तक ऑड-ईवन फॉर्मूला की तरह काम करता है, लेकिन फर्क इतना है कि इसे हफ्ते में 5 दिन के हिसाब से बनाया गया है. जिस ग्रुप का जो दिन होगा, उस दिन उस ग्रुप की कार सड़क पर नहीं चलेगी. आज यानी बुधवार से साउथ कोरिया के सरकारी ऑफिस और पब्लिक सेक्टर में इस सिस्टम को सख्ती से लागू करने की बात कही गई है.
क्यों बनाया गया ये नियम?
इस नियम का बड़ा उद्देश्य पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करना है ताकि देश पर बढ़ते तेल संकट का असर कम किया जा सके.अगर कोई सरकारी कर्मचारी इस नियम का पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. वहीं प्राइवेट कंपनियों और आम नागरिकों के लिए इसे अभी अनिवार्य नहीं बनाया गया है, लेकिन सरकार उन्हें भी इस नियम का पालन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
इलेक्ट्रिक कारों और हाइड्रोजन गाड़ियों को छूट
खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों को इसमें छूट दी गई है, क्योंकि ये फ्यूल पर पूरी तरह निर्भर नहीं होतीं. इसके अलावा सरकार सिर्फ गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि दूसरे तरीकों से भी फ्यूल और एनर्जी बचाने की कोशिश कर रही है. कंपनियों को सलाह दी जा रही है कि अपने कर्मचारियों के काम के समय में बदलाव करें, जैसे अलग-अलग शिफ्ट में काम कराना, ताकि ट्रैफिक कम हो और ईंधन की खपत घटे.
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