SIAM E20 Fuel Quality Clarification: भारत में इन दिनों सरकार द्वारा लाए गए एथेनॉल को लेकर जमकर विरोध हो रहा है. जिसके चलते इन दिनों यह मुद्दा बहुत गरमाया हुआ है. सरकार लगातार E20 को सुरक्षित बता रही है. जबकि कुछ लोगों का मानना है कि, एथेनॉल से उनकी गाड़ियां खराब हो रही हैं. जबकि इस बीच सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) का दावे ने नया ट्विस्ट दे दिया है.
बता दें कि, SIAM ने खुद सामने आकर इन मीडिया दावों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है. संस्था ने साफ कर दिया है कि उनके कम्युनिकेशन के कुछ चुनिंदा हिस्सों को गलत तरीके से पेश किया गया है और चिंता की कोई बात नहीं है. तो चलिए इस खबर में समझते हैं कि SIAM ने क्या सफाई दी है और सरकार का इस पर क्या रुख है.
SIAM ने जारी किया बयान
बता दें कि, SIAM ने अपने बयान में कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी पुरानी बातचीत के अंशों को संदर्भ से बाहर करके दिखाया गया था. ऑटो संस्था ने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियों, ऑटो निर्माताओं और टेस्टिंग एजेंसियों के बीच ईंधन की गुणवत्ता को लेकर ऐसी तकनीकी चर्चाएं एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं.
मीडिया में जिन आंकड़ों या दावों का जिक्र किया गया था उनकी पूरी तरह से पुष्टि के लिए देशभर से बड़े पैमाने पर डेटा इकट्ठा करने की जरूरत है. SIAM ने कहा कि इसे किसी चूक या E20 फ्यूल की नाकामी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
यह भी पढ़ें: Creta EV खरीदने का प्लान? 2 लाख रुपये डाउन पेमेंट पर जानें EMI
कंपनियों का पूरा समर्थन
वहीं, ऑटो इंडस्ट्री बॉडी ने देश के सभी वाहन चालकों और आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरा ऑटोमोबाइल क्षेत्र सरकार की E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग पहल का पूरी तरह से समर्थन करता है. ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण के लिहाज से यह देश के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है.
SIAM के मुताबिक, भारतीय बाजार में बिकने वाली नई गाड़ियां E20 फ्यूल के हिसाब से ही तैयार की गई हैं और ईंधन की वजह से गाड़ियों में खराबी आने या किसी भी तरह के नुकसान की कोई बड़ी वजह नहीं है.
होगा कड़ा जांच तंत्र
आपको बता दें कि, फ्यूल की गुणवत्ता पर उठते सवालों के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. मंत्रालय ने बताया कि भारत में ईंधन की गुणवत्ता जांचने के लिए 150 से भी ज्यादा कड़े मानक और पैरामीटर्स तय हैं.
वहीं, इसके अलावा एथेनॉल में क्लोराइड और सल्फर की सीमा को 3 ppm तक सीमित करने के सुरक्षात्मक निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं. देश के 87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर पानी और नमी की जांच दिन में 8 से 12 बार तक की जा रही है ताकि पेट्रोल की शुद्धता में कोई कमी न रहे.
चिंता की कोई बात नहीं
हालांकि, मंत्रालय द्वारा हाल ही में देश भर से लिए गए 2,000 से ज्यादा पेट्रोल सैंपलों की गहन जांच में केवल 2 मामलों में ही मामूली गड़बड़ी पाई गई थी. जिन पर तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए उन आउटलेट्स की बिक्री रोक दी गई थी.
वहीं, SIAM और सरकार दोनों का मानना है कि E20 पेट्रोल पूरी तरह से सुरक्षित है और देश में ईंधन की सप्लाई चेन पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है. इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों या अधूरी खबरों से घबराने की कोई जरूरत नहीं है.
यह भी पढ़ें: Car Tyre Colour Facts : सफेद से काला क्यों कर दिया गया टायर का रंग? यह सच नहीं जानते होंगे आप
Car loan Information:
Calculate Car Loan EMI