जब कोई कार 1 लाख या 2 लाख किलोमीटर चल जाती है, तो कई लोग उसे बेचने के बारे में सोचने लगते हैं. लोगों को लगता है कि इतनी दूरी तय करने के बाद कार का इंजन खराब होने लगता है और मरम्मत पर ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं. जबकि, सच्चाई यह है कि सिर्फ किलोमीटर देखकर कार की हालत का पता नहीं लगाया जा सकता. कार की देखभाल कैसी हुई है और उसके जरूरी पार्ट्स किस हालत में हैं, यह जानना भी जरूरी है.
कब होती है कार पुरानी
2 लाख किलोमीटर चलने के बाद कार को बेचना जरूरी नहीं है. अगर कार की समय पर सर्विसिंग होती रही है और उसका इंजन अच्छी हालत में है, तो उसे आगे भी चलाया जा सकता है. कई कारें 2 लाख किलोमीटर से ज्यादा चलने के बाद भी अच्छी तरह काम करती हैं. वहीं, अगर कार की सही देखभाल नहीं हुई है, तो कम चलने के बाद भी उसमें खराबी आ जाती है. इसलिए कार कितने किलोमीटर चली है, इसके साथ उसकी मौजूदा हालत पर भी ध्यान देना चाहिए.
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कार कब बदलें?
अगर आपकी कार बार-बार खराब हो रही है और हर बार उसकी मरम्मत पर काफी पैसे खर्च हो रहे हैं, तो उसे बदलने के बारे में सोचना चाहिए. इंजन से अजीब आवाज आना, बार-बार इंजन ऑयल कम होना, गाड़ी से ज्यादा धुआं निकलना और गियर बदलने में परेशानी होना कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जिनकी जांच जरूरी है. अगर कार की मरम्मत का खर्च लगातार बढ़ रहा है, तो किसी अच्छे मैकेनिक से उसकी जांच कराएं. अगर कार को ठीक कराने में बहुत ज्यादा पैसे लग रहे हैं, तो नई कार खरीदना बेहतर फैसला हो सकता है.
कार को लंबे समय तक चलाने के लिए क्या करें?
अगर आप अपनी कार को लंबे समय तक चलाना चाहते हैं, तो उसकी समय पर सर्विसिंग कराएं. इंजन ऑयल बदलवाएं और ब्रेक, टायर, बैटरी और दूसरे जरूरी पार्ट्स की जांच कराते रहें. कार में कोई खराबी दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें. इसके अलावा, कार को बहुत तेज चलाने और अचानक ब्रेक लगाने से बचें. गाड़ी चलाते समय इंजन पर ज्यादा दबाव न डालें. अगर कार अच्छी हालत में है और उसका रखरखाव सही तरीके से हो रहा है तो 2 लाख किलोमीटर चलने के बाद भी उसे इस्तेमाल किया जा सकता है. इसलिए सिर्फ मीटर पर किलोमीटर देखकर कार बेचने का फैसला न लें.
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