हमारे देश में ट्रैफिक नियमों का पालन न करने पर अब ट्रैफिक पुलिस द्वारा भारी चालान किया जाता है. क्योंकि, अब चालान से बचना आसान नहीं है हर जगह सरकार ने डिजिटल कैमरे लगा दिए हैं. अब ऐसा देखा जाता है कि, कई बार वाहन चालकों का चालान कट जाता है और उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं मिल पाती है या फिर लोग इसे मामूली चालान समझकर टालते रहते हैं. बता दें कि, अगर आपकी कार या बाइक पर भी कोई ट्रैफिक चालान लंबे समय से पेंडिंग पड़ा है तो अब बेहद सावधान हो जाने की जरूरत है.

Continues below advertisement

क्योंकि, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के डिजिटल एकीकृत सिस्टम के कारण अब बकाया चालान को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. आज हम आपको इस खबर में बताएंगे कि चालान बकाया होने पर आपके कौन-कौन से सरकारी काम रुक सकते हैं और कानूनी झंझटों से बचने के लिए आपको क्या कदम उठाने चाहिए.

गाड़ी बेचने में आ सकती है दिक्कत

आपको बता दें कि, जब आप अपनी पुरानी गाड़ी किसी दूसरे व्यक्ति को बेचना चाहते हैं तो चालान बकाया होने की स्थिति में यह डील पूरी तरह से अटक सकता है. परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक, जब तक गाड़ी पर दर्ज सभी ई-चालान का भुगतान नहीं हो जाता तब तक आरटीओ वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर नहीं करता है. इसके अलावा दूसरे राज्य या शहर में गाड़ी ले जाने के लिए मिलने वाली एनओसी भी जारी नहीं की जाती. जिसके चलते आपको कई दिकक्तों का सामना करना पड़ सकता है.

Continues below advertisement

AI Generated Image

यह भी पढ़ें: कार में CNG की Smell आते ही हो जाएं Alert, वरना पड़ सकता है भारी

ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल नहीं होगा

जानकारी दें दे कि, पेंडिंग चालान का सीधा असर आपके ड्राइविंग लाइसेंस और कमर्शियल व्हीकल के फिटनेस सर्टिफिकेट पर भी पड़ता है. अगर आपके लाइसेंस पर कई गंभीर उल्लंघन दर्ज हैं या बकाया चालान का निपटारा नहीं हुआ है तो लाइसेंस का रिन्यूअल, डुप्लीकेट लाइसेंस पाना या एड्रेस चेंज कराना रोक दिया जाता है. इसके साथ ही कमर्शियल गाड़ियों और 15 साल से पुरानी निजी गाड़ियों को मिलने वाला फिटनेस सर्टिफिकेट भी चालान क्लीयरेंस के बिना रिन्यू नहीं होता.

AI Generated Image

ब्लैकलिस्ट हो सकती है आपकी कार

वहीं, अगर आपकी कार पर लगे जुर्माना को बहुत ज्यादा समय तक जमा न करने पर परिवहन विभाग आपकी गाड़ी के स्टेटस को पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट या ब्लॉक की श्रेणी में डाल सकता है. ऐसा होने पर आप अपनी गाड़ी का इंश्योरेंस रिन्यू तो करा लेंगे लेकिन किसी दुर्घटना की स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी कानूनी कमियों या पेंडिंग मामलों का हवाला देकर क्लेम रिजेक्ट भी कर सकती है. ब्लैकलिस्टेड गाड़ी को सड़क पर चलाना भी पूरी तरह से गैर-कानूनी माना जाता है.

लोक अदालत में करें निपटारा 

बता दें कि, अगर चालान की समय सीमा पूरी हो जाती है और भुगतान नहीं किया जाता तो मामले को ट्रैफिक कोर्ट या वर्चुअल कोर्ट में भेज दिया जाता है. इसके बाद वाहन मालिक को अदालत से समन मिल सकता है और सुनवाई के लिए चक्कर काटने पड़ सकते हैं.

हालांकि, सरकार समय-समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करती है जहां लोग जाकर अपने पुराने या कोर्ट में लंबित पड़े ई-चालान का निपटारा भारी छूट या माफी के साथ आसानी से करा सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Audi Q3 अब होगी Made in India, नई SUV की लॉन्च डेट भी सामने आई


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI