Normal vs Power Petrol: पेट्रोल पंप पर अक्सर लोगों को Normal Petrol और Power Petrol के विकल्प दिखाई देते हैं. कई लोग बिना ज्यादा सोचे सस्ता नॉर्मल पेट्रोल डलवा लेते हैं, जबकि कुछ लोग बेहतर माइलेज और इंजन परफॉर्मेंस के लिए महंगा पॉवर पेट्रोल चुनते हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या पॉवर पेट्रोल वाकई इतना फायदेमंद होता है या सिर्फ मार्केटिंग का हिस्सा है.
दरअसल दोनों फ्यूल के बीच कुछ तकनीकी अंतर जरूर होते हैं. पॉवर पेट्रोल में आमतौर पर ज्यादा Octane Rating और कुछ एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. हालांकि हर कार में इसका फायदा समान नहीं होता. यही वजह है कि एक्सपर्ट्स कार की जरूरत और इंजन के हिसाब से सही फ्यूल चुनने की सलाह देते हैं. गलत जानकारी के कारण कई लोग बेवजह ज्यादा पैसे खर्च कर देते हैं.
पॉवर पेट्रोल में ऐसा क्या खास होता है?
पॉवर पेट्रोल को हाई ऑक्टेन फ्यूल भी कहा जाता है. इसमें ऐसे एडिटिव्स मिलाए जाते हैं जो इंजन को साफ रखने और नॉकिंग कम करने में मदद कर सकते हैं. खासकर टर्बो इंजन और हाई परफॉर्मेंस कारों में इसका फायदा ज्यादा देखा जाता है. कुछ मामलों में इससे इंजन स्मूद चलता है और हल्का बेहतर रिस्पॉन्स भी मिल सकता है. हालांकि आम छोटे इंजन वाली कारों में इसका अंतर बहुत ज्यादा महसूस नहीं होता.
कई लोग सोचते हैं कि पॉवर पेट्रोल डालते ही माइलेज अचानक बढ़ जाएगा, लेकिन ऐसा हर कार में जरूरी नहीं है. अगर कार कंपनी ने सामान्य पेट्रोल इस्तेमाल करने की सलाह दी है तो रोजाना उपयोग में नॉर्मल पेट्रोल भी पर्याप्त माना जाता है. यही वजह है कि हर वाहन के लिए पॉवर पेट्रोल जरूरी नहीं माना जाता.
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कौन सा पेट्रोल जेब के लिए ज्यादा सही?
अगर बात पैसे बचाने की करें तो ज्यादातर सामान्य कार मालिकों के लिए नॉर्मल पेट्रोल ज्यादा किफायती विकल्प माना जाता है. इसकी कीमत कम होती है और रोजमर्रा की ड्राइविंग में यह बेहतर काम करता है. वहीं जिन लोगों की कार हाई परफॉर्मेंस इंजन वाली है या जो लंबे समय तक बेहतर इंजन हेल्थ चाहते हैं, उनके लिए कभी-कभी पॉवर पेट्रोल उपयोगी हो सकता है.
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सिर्फ पॉवर पेट्रोल भरवाने से बड़ा माइलेज फायदा नहीं मिलता. असली फर्क सही ड्राइविंग स्टाइल, समय पर सर्विस और सही टायर प्रेशर से पड़ता है. इसलिए फ्यूल चुनते समय सिर्फ विज्ञापन नहीं बल्कि अपनी कार की जरूरत समझना ज्यादा जरूरी माना जाता है.
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