दिल्ली में कितनी लाख गाड़ियों पर मंडरा रही आफत? जानिए किन पेट्रोल पंप पर तैनात है पुलिस
New Policy For Old Vehicles: दिल्ली में करीब 62 लाख वाहन अब EoL कैटेगरी में हैं, जिनमें 41 लाख दोपहिया और 18 लाख चारपहिया वाहन शामिल हैं। एनसीआर के अन्य राज्यों में भी लाखों पुराने वाहन मौजूद हैं.

No Fuel For Old Vehicles: दिल्ली में आज यानी 1 जुलाई से 10 से 15 साल पुरानी डीजल और पेट्रोल गाड़ियों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लागू हो गई है. अब 10 साल पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं मिलेगा, इसके लिए एक खास मुहिम शुरू की गई है.
राजधानी में अब ऐसे पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों (End-of-Life Vehicles) पर रोक को और कड़ाई से लागू किया जा रहा है. इस कदम का उद्देश्य है कि दिल्ली की हवा को साफ बनाया जाए और वायु प्रदूषण के स्तर को कम किया जाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में लगभग 62 लाख वाहन ऐसे हैं जो 10 से 15 साल पुराने हो चुके हैं और अब नए नियमों के दायरे में आ गए हैं.
कितनी गाड़ियां होंगी प्रभावित?
दिल्ली में लगभग 62 लाख गाड़ियां ऐसी हैं जो तय समय सीमा पार कर चुकी हैं और अब उन्हें ‘End-of-Life’ (EOL) गाड़ियां माना जाएगा.
पेट्रोल पंपों पर सख्ती
दिल्ली सरकार ने 350 पेट्रोल पंपों को चिन्हित किया है, जहां पुलिस, ट्रैफिक विभाग और नगर निगम की टीमें तैनात रहेंगी. लगभग 498 पेट्रोल पंपों पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगाए गए हैं, जो नंबर प्लेट से गाड़ी की उम्र पहचानेंगे. इनका काम यह सुनिश्चित करना होगा कि पुराने वाहन वहां ईंधन न भरवा सकें.
अगर नियम तोड़ा तो क्या होगा?
अगर कोई पुरानी गाड़ी ईंधन भरवाने आएगी या सार्वजनिक स्थान पर खड़ी पाई गई, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा. चार पहिया वाहन मालिक पर 10,000 और दो पहिया वाहन मालिक पर 5,000 का जुर्माना लगेगा.
पेट्रोल पंप ऑपरेटर्स के लिए जारी हुई गाइडलाइन
दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी पेट्रोल पंप ऑपरेटरों को एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है. इस SOP के तहत सभी फ्यूल स्टेशनों पर बड़े साइन बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि वाहन मालिकों को नए नियम की जानकारी मिल सके.
पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को पुराने वाहनों की पहचान करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिन वाहनों को फ्यूल देने से मना किया जाएगा, उनकी एक लॉगबुक भी बनाई जाएगी.
बता दें कि इस नियम से सबसे ज्यादा वे वाहन प्रभावित होंगे जो 2009 से पहले रजिस्टर्ड हुए हैं. इसमें डीजल, पेट्रोल और CNG तीनों तरह के वाहन शामिल हैं. ऐसे सभी वाहनों को अब EOL (End-of-Life) वाहन माना जाएगा और इनका दिल्ली में चलना या फ्यूल भरवाना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है.
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Source: IOCL






















