आज के समय में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और विदेशों से तेल मंगाने की मजबूरी भारत के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari ने एक बड़ा विज़न पेश किया है, जिसमें 100 फीसदी एथेनॉल यानी E100 फ्यूल को बढ़ावा देना है. इसका मकसद है कि आने वाले समय में गाड़ियां पूरी तरह एथेनॉल जैसे देसी और सस्ते फ्यूल पर चल सकें, जिससे आम लोगों का खर्च कम हो और देश भी आत्मनिर्भर बन सके.

Continues below advertisement

आसान भाषा में कहें तो एथेनॉल एक तरह का बायोफ्यूल है, जो गन्ना, मक्का और दूसरी फसलों से बनाया जाता है. अभी भारत में E20 फ्यूल का इस्तेमाल शुरू हो चुका है और धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर E85 और फिर E100 तक ले जाने की योजना है. अगर यह योजना सफल होती है तो भारत को कच्चे तेल के लिए विदेशों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा. अभी देश अपनी जरूरत का बहुत बड़ा हिस्सा बाहर से खरीदता है, जिस पर भारी खर्च होता है.

किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

इस योजना का एक बड़ा फायदा किसानों को भी मिलेगा क्योंकि एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने और दूसरी फसलों की मांग बढ़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सकती है. इसके अलावा एथेनॉल फ्यूल पर्यावरण के लिए भी बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे निकलने वाला धुआं पेट्रोल-डीजल के मुकाबले कम होता है. यानी यह योजना पॉल्यूशन कम करने में भी मदद कर सकती है.

Continues below advertisement

इसके कुछ जरूरी पहलू भी हैं जिन्हें समझना जरूरी है. सबसे बड़ी बात यह है कि हर गाड़ी E100 फ्यूल पर नहीं चल सकती. इसके लिए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों की जरूरत होती है, जो पेट्रोल और एथेनॉल दोनों पर आसानी से चल सकें. पुरानी गाड़ियों में अगर ज्यादा एथेनॉल वाला फ्यूल इस्तेमाल किया जाए तो इंजन को नुकसान हो सकता है. इसलिए ऑटो कंपनियां अब ऐसी नई गाड़ियां बनाने पर काम कर रही हैं जो इस फ्यूल के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें.

क्या इससे खर्च कम होगा?

पूरे देश में E100 फ्यूल को लागू करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार करना होगा. यानी पेट्रोल पंप पर अलग तरह की स्टोरेज और सप्लाई सिस्टम की जरूरत होगी, ताकि एथेनॉल को सही तरीके से रखा और बेचा जा सके. इसमें समय और निवेश दोनों लगेंगे. 

आम लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या इससे खर्च कम होगा? तो इसका जवाब एथेनॉल फ्यूल पेट्रोल के मुकाबले सस्ता हो सकता है, जिससे गाड़ी चलाने का खर्च कम हो सकता है. लेकिन शुरुआत में नई गाड़ी खरीदनी पड़ सकती है या टेक्नोलॉजी बदलने में थोड़ा समय लग सकता है. 

कुल मिलाकर, E100 फ्यूल का यह प्लान भारत के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है. इससे देश को सस्ता ईंधन मिलेगा, किसानों को फायदा होगा, प्रदूषण कम होगा और विदेशों पर निर्भरता भी घटेगी.हालांकि, इसे पूरी तरह सफल बनाने के लिए सरकार, ऑटो कंपनियों और आम लोगों तीनों को मिलकर कदम उठाने होंगे.

यह भी पढ़ें:-

लग्जरी का नया लेवल: Range Rover SV Ultra लॉन्च, दमदार इंजन और प्रीमियम फीचर्स से है लैस 


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI