भारतमेंहरदिनट्रैफिकनियमतोड़नेवालोंकेहजारोंचालानकाटेजातेहैं. कुछलोगमौकेपरहीजुर्मानाभरदेतेहैं, जबकिकईचालानसीधेकोर्टभेजदिएजातेहैं. ऐसेमामलोंकानिपटाराअक्सरलोकअदालतमेंजल्दीऔरआसानतरीकेसेकियाजाताहै. अगर आप भी अपने पुराने ट्रैफिक चालान को माफ करवाने का मौका ढूंढ रहे थे, तो 10 जनवरी 2026 कोआप अपने सभी चालान का निपटान कर सकते हैं.
कैसे होती है लोक अदालत में सुनवाई?
दरअसल, लोक अदालत मेंऐसेमामलोंकोकम खर्च और कम समय में निपटायाजाताहै, जिन्हेंकोर्टमेंलंबेसमयतकचलायाजाता है. यहांछोटेट्रैफिकचालानवालेमामलोंमेंकईबारजुर्मानापूरीतरहसेमाफ कर दिया जाता है या फिर काफी कम राशिलेकरमामला खत्म कर दिया जाता है. इस वजह सेबहुतसेलोगअपनेचालाननिपटानेकेलिएलोकअदालतकाइंतजारकरतेहैं. येव्यवस्थालोगोंकेसमयऔरपैसेदोनोंकीबचतकरतीहै.
किन चालानों पर हो सकती है सुनवाई?
लोक अदालत में सामान्य ट्रैफिक उल्लंघनों जैसे बिना हेलमेटचलाना, सीटबेल्ट न लगाना, गलतपार्किंग, ट्रैफिकसिग्नलतोड़ना, प्रदूषणप्रमाणपत्र न होनाऔरइंश्योरेंसखत्महोने जैसे चालानों पर सुनवाई होती है. ऐसे मामलों में अक्सर चालान माफ या कम कर दिए जाते हैं, लेकिन गंभीरमामलोंमेंराहतनहींमिलती. जैसेशराबपीकरड्राइविंग, जानलेवाड्राइविंग, हिटएंडरनजैसेमामलेलोकअदालतमेंमाफनहींहोते, क्योंकियेअपराध गंभीर श्रेणी में आतेहैं.
कौन-से डॉक्यूमेट्स जरूरी?
लोकअदालतमें जाने से पहले आपकोएकटोकनलेनाहोताहै, जोआपकीसुनवाईकाक्रमतयकरताहै. इसकेसाथआपकोअपनेपासचालानकीकॉपी, वाहनकारजिस्ट्रेशन, ड्राइविंगलाइसेंस, आधारकार्डया वोटर आईडी जैसे पहचान पत्र साथ ले जाने चाहिए. इन दस्तावेजों कीवजहसेआपकाकेसतुरंतदेखाजाताहैऔरसमयभीकमलगताहै. सहीतैयारीकेसाथआपअपनेपुरानेट्रैफिकचालानोंकानिपटारा आसानी से करा सकतेहैं.
यह भी पढ़ें:-
महंगी हो गई आपकी फेवरेट Bullet 350 और Classic 350, जानिए अब कितनी चुकानी होगी कीमत?
Car loan Information:
Calculate Car Loan EMI