Indian EV Exports UK: पिछले कुछ सालों में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने जबरदस्त उड़ान भरी है. जिसके चलते भारतीय कारों की हर तरफ तारीफ हो रही है. जिसके चलते अब भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी और गर्व करने वाली खबर आ रही है. अब वो दिन दूर नहीं जब मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी देसी कंपनियों की इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EVs) सिर्फ भारत की सड़कों पर नहीं, बल्कि यूनाइटेड किंगडम के शहरों में भी दौड़ती नजर आएंगी. 

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बता दें कि, भारत और यूके के बीच होने वाले ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने भारतीय कार कंपनियों के लिए ग्लोबल मार्केट का एक बहुत बड़ा दरवाजा खोल दिया है. यह समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है. जो दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने में मदद करेगा. इसके तहत मेड-इन-इंडिया ग्रीन गाड़ियों को यूके में बिना किसी कस्टम ड्यूटी के एंट्री मिलने का रास्ता साफ हो गया है. चलिए जानतें हैं विस्तार से इस ट्रेड के बारे में.

FTA से खुलेगा ड्यूटी-फ्री रास्ता

आपको बता दें कि, इस नए ट्रेड के तहत भारतीय कार निर्माताओं को छठे साल से यूके के ग्रीन व्हीकल सेगमेंट में सीधे एंट्री मिलेगी. सबसे खास बात यह है कि भारत में बनी इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर कारों को यूके भेजने पर कोई कस्टम ड्यूटी (टैक्स) नहीं देना होगा. हालांकि, इसके लिए सरकार ने एक कोटा सिस्टम तय किया है.

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शुरुआत में छठे साल में भारत कुल 17,600 गाड़ियां बिना ड्यूटी के यूके एक्सपोर्ट कर सकेगा. धीरे-धीरे यह कोटा हर साल बढ़ता जाएगा और समझौते के 15वें साल तक पहुंचते-पहुंचते भारत को सालाना 88,000 गाड़ियां ड्यूटी-फ्री निर्यात करने की इजाजत मिल जाएगी.

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अलग-अलग बजट कैटेगरी रखा गया है 

जानकारी के लिए आपको बता दें कि, इस समझौते में यूके के मार्केट के हिसाब से अलग-अलग प्राइस ब्रैकेट बनाए गए हैं. इसमें £20,000 (करीब 21 लाख रुपये) से कम, £20,000 से £40,000 के बीच और £40,000 से £80,000 तक की महंगी कारों को शामिल किया गया है. हालांकि, £80,000 से ज्यादा की लग्जरी कारों को इस छूट से बाहर रखा गया है. 

इस बड़े फैसले पर महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव प्रेसिडेंट वेलुसामी आर. ने खुशी जताते हुए कहा कि यूके हमारे लिए एक बड़ा राइट-हैंड-ड्राइव मार्केट है और हम अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी रेंज को वहां उतारने की प्लानिंग कर रहे हैं. वहीं टाटा मोटर्स ने भी इसे सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है.

मारुति सुजुकी पहले से है तैयार

भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इस रेस में पहले से ही दो कदम आगे चल रही है. मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने बताया कि भारत के पास ग्लोबल मार्केट में टक्कर देने की पूरी काबिलियत है. कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी 'eVITARA' (eVX) को यूरोप एक्सपोर्ट करना पहले ही शुरू कर दिया है. 

पिछले 9 महीनों में मारुति लगभग 36,000 गाड़ियां यूरोप भेज चुकी है, जिसमें से यूके उनका सबसे बड़ा और नंबर-वन मार्केट बनकर उभरा है. इस नए एग्रीमेंट के बाद 'Make in India for the World' के विजन को एक बहुत बड़ी उड़ान मिलने वाली है.

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