देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी ने बेहद बड़ा फैसला लिया है. जिसके बाद हर तरफ ऑटोमोबाइल में इस फैसले की चर्चा हो रही है. बता दें कि, कंपनी अब एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे अत्याधुनिक सेफ्टी फीचर को केवल महंगी या लग्जरी कारों तक सीमित न रखकर अपनी किफायती और बजट गाड़ियों में भी देने की तैयारी कर रही है.
सुजुकी का यह प्लान अपनी आने वाली कारों में जरूरी एडास फीचर्स को एयरबैग की तरह स्टैंडर्ड तौर पर पेश करने की है. सुजुकी ने अपनी हालिया टेक्नोलॉजी स्ट्रैटेजी ब्रीफिंग में इस विजन का खुलासा किया. वहीं, कंपनी का मानना है कि महंगे एडास सिस्टम केवल कुछ लग्जरी कारों में देने से सड़कों पर होने वाले बड़े हादसों को रोकना संभव नहीं है. चलिए विस्तार से जानतें हैं पूरी खबर के बारें में.
क्या है सुजुकी का प्लान?
बता दें कि, कंपनी के इस नए अप्रोच का मुख्य लक्ष्य उन सेफ्टी फीचर्स पर ध्यान देना है. जिनकी डेली ड्राइविंग में ड्राइवरों को सबसे ज्यादा जरूरत होती है. कंपनी के अनुसार, ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर प्रिवेंशन जैसे मुख्य सुरक्षा फीचर्स को सभी कारों में स्टैंडर्ड बनाया जाएगा.
जबकि दूसरी ओर अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल या कन्वीनियंस से जुड़े अतिरिक्त फीचर्स को महंगे या टॉप वेरिएंट्स के लिए रिजर्व रखा जा सकता है. इससे बजट कारों की कीमतें भी नियंत्रण में रहेंगी और सुरक्षा से समझौता भी नहीं होगा.
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ऐसे काम करेगी यह नई तकनीक
जानकारी दें दे कि, एडास सिस्टम को सस्ता और किफायती बनाने के लिए कंपनी ने इसके हार्डवेयर सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है. पारंपरिक एडास सिस्टम में महंगे रडार सेंसर का इस्तेमाल होता है. लेकिन सुजुकी अब हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा और एडवांस एआई (AI) चिप्स पर आधारित टेक्नोलॉजी तैयार कर रही है.
जबकि इसमें फ्रंट रडार को हटा दिया जाएगा जिससे पूरे सिस्टम की लागत में काफी कमी आएगी. इसके अलावा, कंपनी ड्राइवर मॉनिटरिंग और पैसेंजर मॉनिटरिंग कैमरों को भी इसी सिस्टम के साथ इंटीग्रेट कर रही है. जिससे अलग-अलग पार्ट्स लगाने की जरूरत खत्म होगी.
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सस्ता होगा नया सिस्टम
वहीं, कंपनी के मुताबिक इस नए इलेक्ट्रॉनिक्स आर्किटेक्चर के इस्तेमाल से पूरा सेफ्टी सेटअप मौजूदा सिस्टम्स के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत तक सस्ता और 15 प्रतिशत तक हल्का होगा.
वजन कम होने से गाड़ियों के माइलेज पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा. भारतीय सड़कों और ट्रैफिक की जटिल परिस्थितियों के हिसाब से ट्यून की जा रही यह तकनीक आने वाले समय में मारुति की बलेनो, फ्रॉन्क्स और नई जनरेशन कॉम्पैक्ट कारों में देखने को मिल सकती है.
भारतीय सड़कों को ध्यान में रखकर बनाई रणनीति
बता दें कि, भारत में हर साल होने वाले सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों की संख्या को देखते हुए सुजुकी के लिए भारतीय बाजार बेहद अहम है. देश में मारुति सुजुकी की 40 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी है.
ऐसे में एंट्री-लेवल और हैचबैक सेगमेंट में एडास मिलने से लाखों वाहन चालकों को सीधा फायदा पहुंचेगा. सुजुकी की यह दोहरी सुरक्षा रणनीति न सिर्फ हादसों को रोकने में मददगार साबित होगी बल्कि दुर्घटना की स्थिति में कार में बैठे यात्रियों को अधिक से अधिक सेफ्टी भी प्रदान करेगी.
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