पहले भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट अपने देश तक ही सिमित रह जाता था. लेकिन पिछले कुछ सालों से कंपनियों ने कमाल किया है और भारत अब विदेशों में भी गाड़ी के मामले में झंडे गाड़ रहा है. ऐसा हम नहीं बल्कि ऑटोमोबाइल के डेटा बता रहे हैं. पिछले महीने यानि सितंबर 2026 में भारत से कई गाड़ियां एक्सपोर्ट हुई हैं. क्योंकि अब विदेशों में भी भारतीय गाड़ियों की डिमांड बढ़ रही है.
एक्सपोर्ट होने में मारुती सुजुकी जिम्नी पहले स्थान पर रही है. क्योंकि इंटरनेशनल मार्केट में विदेशी ग्राहक इसे जमकर खरीद रहे हैं. आपको बता दें कि सितंबर 2026 के दौरान मारुति सुजुकी, हुंडई और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों की कई लोकप्रिय कारों ने ग्लोबल मार्केट में अपना दबदबा कायम रखा है. चलिए जानतें हैं कि भारत से सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होने वाली गाड़ियों में जिम्नी के अलावा किन-किन गाड़ियों का नाम शामिल है.
मारुति जिम्नी का विदेशों में जलवा
बता दें कि सितंबर 2026 के कार एक्सपोर्ट आंकड़ों में मारुति सुजुकी जिम्नी ने सभी गाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 का स्थान हासिल किया है. पिछले महीने मारुति सुजुकी ने भारत से जिम्नी की कुल 9,124 यूनिट्स को विदेशी बाजारों में एक्सपोर्ट किया था. अगर इसकी तुलना पिछले साल के सितंबर महीने से करें तो तब जिम्नी की 6,215 यूनिट्स एक्सपोर्ट हुई थीं.
जिसका मतलब है कि जिम्नी के एक्सपोर्ट में 46.81 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अब बात करें अगर इस कार की तो इसमें 1.5-लीटर K15B पेट्रोल इंजन मिलता है. जो 104.8 bhp की पावर जनरेट करता है. इसके 4x4 ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम और कॉम्पैक्ट डिजाइन की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी जबरदस्त मांग बनी हुई है.
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फ्रोंक्स और डिजायर का भी रहा जलवा
भारत से कार एक्सपोर्ट के मामले में टॉप तीन स्थानों पर पूरी तरह से मारुति सुजुकी का कब्जा रहा है. क्योंकि एक्सपोर्ट की इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर मारुति सुजुकी की कूपे-एसयूवी फ्रोंक्स रही है. जिसकी कुल 8,771 यूनिट्स विदेश भेजी गईं. हालांकि पिछले साल की तुलना में इसके एक्सपोर्ट में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है.
वहीं तीसरे स्थान पर कंपनी की बेहद लोकप्रिय सेडान मारुति सुजुकी डिजायर रही है. डिजायर का एक्सपोर्ट प्रदर्शन बेहद चौंकाने वाला रहा. जहां कंपनी ने इसकी 8,430 यूनिट्स का एक्सपोर्ट किया. पिछले साल सितंबर में डिजायर की केवल 3,523 यूनिट्स एक्सपोर्ट हुई थीं. जिसका मतलब है कि इसके एक्सपोर्ट में 139 प्रतिशत से ज्यादा की बेहतरीन बढ़ोतरी हुई है.
इन कारों की भी रही भारी मांग
जानकारी दें दे कि मारुति के अलावा हुंडई और फॉक्सवैगन कंपनियों की भारत-निर्मित गाड़ियों ने भी वर्ल्ड बाजारों में अपनी मजबूत धाक जमाई है. इस लिस्ट में चौथे स्थान पर प्रीमियम सेडान हुंडई वरना रही. जिसकी 6,596 यूनिट्स एक्सपोर्ट की गईं. पांचवें नंबर पर हुंडई की हैचबैक i10 निऑस का कब्जा रहा. जिसकी कुल 5,945 यूनिट्स विदेशी ग्राहकों तक पहुंचीं.
वहीं छठे स्थान पर मारुति स्विफ्ट और सातवें स्थान पर हुंडई ऑरा का नाम रहा. प्रीमियम जर्मन ब्रांड फॉक्सवैगन की मिड-साइज़ सेडान वर्जन ने भी 3,653 यूनिट्स के साथ आठवां स्थान हासिल किया. जिसके एक्सपोर्ट में 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है.
टॉप-10 में अर्टिगा और निसान की एंट्री
बता दें कि भारत से एक्सपोर्ट होने वाली टॉप-10 कारों की लिस्ट में नौवें स्थान पर मारुति सुजुकी की 7-सीटर एमपीवी अर्टिगा ने अपनी जगह बनाई है. अर्टिगा के एक्सपोर्ट में जबरदस्त उछाल देखा गया और इसकी 3,525 यूनिट्स विदेशी बाजारों में भेजी गईं.
वहीं दसवें स्थान पर निसान की सेडान निसान सनी रही. जिसकी 3,319 यूनिट्स एक्सपोर्ट की गईं. कुल मिलाकर देखा जाए तो सितंबर 2026 में भारत से होने वाला कार एक्सपोर्ट काफी बेहतर स्थिति में दिखा. जहां मेड-इन-इंडिया गाड़ियों ने दुनिया भर के ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी गुणवत्ता और मजबूती का लोहा मनवाया है.
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