भारत में इन दिनों हैचबैक कार की डिमांड बढ़ती जा रही है. जिसके चलते अब ऑटोमोबाइल कंपनियां हैचबैक गाड़ियों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं. इन दिनों मारुति सुजुकी बलेनो और टाटा अल्ट्रोज़ का नाम हैचबैक में सबसे पहले आता है. क्योंकि, बाजार में ये दोनों ही गाड़ियां अपने सेगमेंट में काफी लोकप्रिय हैं और ग्राहकों के बीच इनकी जबरदस्त डिमांड रहती है. एक तरफ बलेनो की बेहतरीन माइलेज, कम मेंटेनेंस और भरोसेमंद इंजन के लिए जानी जाती है. वहीं दूसरी तरफ टाटा अल्ट्रोज़ अपनी सॉलिड बिल्ड क्वालिटी, 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग और प्रीमियम डिजाइन के दम पर बाजार में टिकी हुई है.

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आपको बता दें कि, 6 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत के आसपास दोनों कारों के बेस या लोअर-मिड वेरिएंट्स देखने को मिलते हैं. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि कौन सी कार आपको कम कीमत में ज्यादा फीचर्स, बेहतर ड्राइविंग अनुभव और सही मायनों में पैसा वसूल वैल्यू देती है. चलिए जानतें हैं कि आपकी जरूरतों के हिसाब से कौन सी कार सबसे बेस्ट साबित होगी.

माइलेज में है मुकाबला

आपको बता दें कि, इंजन और परफॉर्मेंस के मामले में मारुति बलेनो का 1.2-लीटर के-सीरीज पेट्रोल इंजन काफी रिफाइंड और स्मूथ माना जाता है. यह इंजन ट्रैफिक में चलाने में बेहद आसान है और इसकी थ्रॉटल रिस्पॉन्स भी काफी तेज है. सबसे बड़ी बात यह है कि माइलेज के मामले में बलेनो बाजी मार लेती है जहां आपको आसानी से 20 से 22 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज मिल जाता है.

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जबकि दूसरी ओर टाटा अल्ट्रोज़ में 1.2-लीटर रेवोट्रॉन पेट्रोल इंजन मिलता है जो शहर में ड्राइविंग के लिए तो ठीक है लेकिन रिफाइनमेंट के मामले में बलेनो से थोड़ा पीछे रह जाता है. अल्ट्रोज़ का माइलेज लगभग 18 से 19 किमी प्रति लीटर के आसपास रहता है.

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सेफ्टी में कौन आगे?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता सुरक्षा है तो टाटा अल्ट्रोज़ बिना किसी शक के सबसे मजबूत दावेदार है. क्योंकि, ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में अल्ट्रोज़ को 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है. जो इसे इस बजट की सबसे सुरक्षित कारों में से एक बनाती है. वहीं, इसकी बॉडी शेल और डोर की मजबूती छूते ही महसूस होती है.

जबकि दूसरी तरफ मारुति बलेनो में अब पहले से बेहतर सेफ्टी फीचर्स जैसे 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम दिए जा रहे हैं. लेकिन बिल्ड क्वालिटी और क्रैश टेस्ट रेटिंग के मामले में टाटा अल्ट्रोज़ आज भी बलेनो से एक कदम आगे खड़ी नजर आती है.

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केबिन और कम्फर्ट में कौन आगे?

बात करें अगर केबिन स्पेस की तो दोनों ही गाड़ियां बेहद आरामदायक हैं और 5 लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह देती हैं. मारुति बलेनो में आपको काफी खुला-खुला अहसास होता है और इसकी सीटें लंबी यात्राओं के लिए काफी आरामदायक हैं. इसका रियर लेगरूम भी बेहतरीन है.

वहीं, टाटा अल्ट्रोज़ का इंटीरियर बहुत ही प्रीमियम लगता है और इसके 90-डिग्री खुलने वाले दरवाजे कार में चढ़ने और उतरने को बेहद आसान बना देते हैं. अल्ट्रोज़ की सीटें थोड़ा बेहतर सपोर्ट देती हैं और इसका डैशबोर्ड लेआउट काफी मॉडर्न लगता है. हालांकि, बलेनो का रियर सीट कम्फर्ट थोड़ा सा बेहतर महसूस होता है.

रीसेल वैल्यू किसकी ज्यादा?

आपको बता दें कि, भारत में मारुति सुजुकी का नेटवर्क बहुत बड़ा है. जिसके चलते बलेनो की सर्विसिंग और स्पेयर पार्ट्स काफी सस्ते और आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. अगर आप कार को 4-5 साल इस्तेमाल करके बेचना चाहते हैं तो बलेनो की रीसेल वैल्यू मार्केट में काफी शानदार मिलती है.

दूसरी तरफ टाटा की सर्विस में पिछले कुछ वर्षों में काफी सुधार हुआ है लेकिन मेंटेनेंस के मामले में यह मारुति से थोड़ी सी महंगी पड़ सकती है. कुल मिलाकर कहें तो ज्यादा माइलेज और कम मेंटेनेंस चाहिए तो बलेनो लें और अगर मजबूती व सुरक्षा आपकी प्राथमिकता है तो अल्ट्रोज़ चुनें.

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