महाराष्ट्र सरकार ने गाड़ियों के टैक्स को लेकर एक नया नियम लागू किया है, जो 7 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है. इस नियम के अनुसार, जैसे ही कोई गाड़ी 15 साल पुरानी हो जाती है, उस पर ग्रीन टैक्स देना जरूरी होगा. ये टैक्स एक बार नहीं बल्कि हर 5 साल के लिए एक साथ देना होगा. यानी अगर आपकी गाड़ी 15 साल पुरानी हो गई है, तो आपको अगले 5 साल के लिए एकमुश्त टैक्स भरना पड़ेगा. सरकार का उद्देश्य है कि सड़कों पर पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की संख्या कम हो. आइए सरकार के इस नए नियम के बारे में विस्तार से जानते हैं.
BS-IV और पुरानी गाड़ियों पर ज्यादा असर
दरअसल, इस नए नियम का सबसे ज्यादा असर BS-IV और उससे पुरानी गाड़ियों पर पड़ेगा. इन गाड़ियों पर BS-VI गाड़ियों के मुकाबले लगभग दोगुना टैक्स लगाया गया है. सरकार ने गाड़ियों को दो हिस्सों में बांटा है-पहला BS-VI और दूसरा BS-IV या उससे पुरानी गाड़ियां. जो गाड़ियां नई तकनीक की हैं, उन पर कम टैक्स लगेगा, जबकि पुरानी गाड़ियों के मालिकों को ज्यादा पैसा देना होगा. इससे लोग नई और कम प्रदूषण वाली गाड़ियां खरीदने के लिए इंस्पायर्ड होंगे.
हर 5 साल में देना होगा टैक्स
नए नियम के तहत, 15 साल पूरे होने के बाद हर 5 साल में ग्रीन टैक्स देना जरूरी होगा. इसका मतलब है कि पुरानी गाड़ी रखना अब पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा. ये फैसला इसलिए लिया गया है ताकि लोग पुरानी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करें और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके. इससे शहरों में प्रदूषण स्तर को भी कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.
क्रेन और भारी मशीनों के लिए राहत
सरकार ने जहां एक तरफ आम लोगों के लिए नियम सख्त किए हैं, वहीं दूसरी तरफ कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को राहत भी दी है. क्रेन जैसी भारी मशीनों के लिए टैक्स की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये तय कर दी गई है. इससे बड़े प्रोजेक्ट्स में खर्च कम होगा और काम को बढ़ावा मिलेगा. सरकार ने अलग-अलग वाहनों के लिए नई टैक्स दरें तय की हैं. दोपहिया वाहनों के लिए BS-VI मॉडल पर 2,000 रुपये टैक्स लगेगा, जबकि BS-IV और पुरानी गाड़ियों पर 4,000 रुपये देना होगा. पेट्रोल कारों के लिए BS-VI पर 3,000 रुपये और पुरानी गाड़ियों पर 6,000 रुपये टैक्स तय किया गया है. वहीं डीजल गाड़ियों के लिए BS-VI पर 3,500 रुपये और पुरानी गाड़ियों पर 7,000 रुपये टैक्स देना होगा.
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