Auto Taxi Permit Investigation: भारत में जब भी आप बड़े शहरों में घूमने या किसी काम से जाते हैं तो आप भी ऑटो से ही सफर करते होंगे. क्योंकि, आसानी से आपको हर जगह ऑटो मिल जाता है और यह काफी रेट में किफायती भी होता है. लेकिन अब ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. महाराष्ट्र राज्य के परिवहन विभाग ने पुराने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी परमिटों की वैधता की कड़ाई से जांच करने का बड़ा फैसला लिया है.

Continues below advertisement

बता दें कि, परमिट में हो रही धांधली, फर्जीवाड़े और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने विशेष जांच दल यानी SIT का गठन करने की घोषणा की है. इस जांच का सीधा असर उन चालकों पर पड़ सकता है जो अवैध रूप से या नियमों को दरकिनार कर सड़कों पर ऑटो और टैक्सी दौड़ा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं कि परिवहन विभाग का यह नया नियम क्या है और इससे किस तरह के कदम उठाए जाएंगे.

पुराने परमिटों की होगी जांच

आपको बता दें कि, सड़कों पर चल रहे ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस के साथ-साथ अब उनके परमिटों की भी जांच की जाएगी. विभाग को ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई लोग अवैध रूप से या जाली दस्तावेजों के आधार पर पुराने परमिटों का इस्तेमाल कर गाड़ियां चला रहे हैं. इस फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि अब हर एक पुराने परमिट के रिकॉर्ड को खंगाला जाएगा और यदि कोई दस्तावेज फर्जी पाया जाता है तो उस परमिट को तुरंत रद्द कर दिया जाएगा.

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें: Tata Sierra या Kia Seltos, जानें किसकी EMI पड़ेगी कम?

SIT का गठन किया जाएगा

वहीं, जांच की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग की ओर से एक विशेष एसआईटी (SIT) का गठन किया जाएगा. इस जांच टीम का नेतृत्व विभागीय आयुक्त करेंगे. एसआईटी राज्य के सभी प्रमुख शहरों में जारी किए गए परमिटों के डेटाबेस, आरटीओ फाइलों और चालकों के सत्यापन रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा करेगी. इस एसआईटी को अपनी पूरी जांच पूरी करके 2 महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे राज्य के परिवहन मंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

अवैध ऑटो-टैक्सी पर लगेगा लगाम

आपको बता दें कि, सरकार के इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर बिना वैध कागजात के चल रही अवैध ऑटो-टैक्सी पर पूरी तरह अंकुश लगाना है. अवैध चालकों की वजह से न केवल कानून-व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा मंडराता है बल्कि नियम से काम करने वाले ईमानदार ऑटो-टैक्सी चालकों की कमाई पर भी बुरा असर पड़ता है.

2 महीने बाद एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर फर्जी परमिटों के रद्द होने और फर्जी चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.

इन चालकों पर गिरेगी गाज

आपको यह भी बता दें कि, परमिट की जांच के साथ-साथ चालकों की भाषा संबंधी योग्यता पर भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. महाराष्ट्र सरकार के नियमों के अनुसार, राज्य में ऑटो-रिक्शा या टैक्सी का परमिट हासिल करने के लिए चालक को स्थानीय भाषा यानी मराठी का ज्ञान होना अनिवार्य है.

जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि परमिट धारक चालकों को मराठी भाषा आती है या नहीं. यदि कोई चालक जांच के दौरान मराठी बोलने या समझने में पूरी तरह असमर्थ पाया जाता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी का परमिट तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा.

यह भी पढ़ें: BMW की सबसे पैसा वसूल SUV? X1 LWB में लग्जरी की भरमार


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI