Lucknow Kanpur Expressway Toll Free: हमारे देश में इन दिनों एक्सप्रेसवे और हाईवे बनाने में सरकार कोई  कसर नहीं छोड़ रही है. जिसके चलते अब भारत में एक से दूसरे शहर और राज्य में सफर करना बेहद ही आसान हो गया है. लेकिन इस बीच एक्सप्रेसवे को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, अभी हाल ही में बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई ने इस एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की वसूली को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद कर दिया है.

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बता दें कि, जब तक सड़क की पूरी तरह से मरम्मत नहीं हो जाती तब तक यात्री इस एक्सप्रेसवे पर बिना एक भी रुपया दिए बिल्कुल फ्री में सफर कर सकेंगे. 13 जुलाई को शुरू हुए इस 63 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर 275 रुपये तक का टोल वसूला जा रहा था. लेकिन उद्घाटन के महज 20 दिनों के भीतर सड़क की परत खिसकने और जगह-जगह धंसने की गंभीर शिकायतें सामने आने के बाद प्राधिकरण ने यह बड़ा फैसला लिया है. चलिए विस्तार से जानतें हैं इस खबर के बारे में.

NHAI ने लिया बड़ा फैसला 

आपको बता दें कि, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के तुरंत बाद खराब गुणवत्ता और गड्ढों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी थीं. इस मामले का संज्ञान लेते हुए एनएचएआई ने सिर्फ टोल फ्री सफर का ऐलान ही नहीं किया बल्कि निर्माण कार्य करने वाली ठेकेदार कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. 

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एनएचएआई ने कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश सड़क परिवहन मंत्रालय से की है. जिससे कंपनी भविष्य में किसी भी नए प्रोजेक्ट का टेंडर नहीं ले सकेगी. इसके अलावा कंपनी पर 2 फीसदी का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका गया है.

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ठेकेदार और अफसरों पर गिरी गाज

बता दें कि, एनएचएआई ने निर्माण की देखरेख में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और इंजीनियरों पर भी कड़ी कार्यवाही की है. निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर, रेजिडेंट इंजीनियर और स्वतंत्र सलाहकार इंजीनियर को तुरंत प्रभाव से पद से हटा दिया गया है. 

इन तीनों को अगले दो सालों के लिए किसी भी सरकारी हाईवे प्रोजेक्ट में काम करने पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसके अलावा एनएचएआई ने अपने प्रशासनिक स्तर पर भी एक्शन लेते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर को हटाकर उनके मूल विभाग में भेज दिया है और पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर को चार्जशीट जारी कर दी है.

कंपनी उठाएगी मरम्मत का खर्च  

जानकारी दें दे कि, एनएचएआई ने साफ कर दिया है कि एक्सप्रेसवे की मरम्मत का करीब 3 करोड़ रुपये का पूरा खर्च पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी को करना होगा. इतना ही नहीं टोल टैक्स बंद होने की वजह से रोजाना होने वाले वित्तीय नुकसान की भरपाई भी कंपनी से ही कराई जाएगी. 

एक्सप्रेसवे बार-बार क्यों धंस रहा है इसकी सूक्ष्म और तकनीकी जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित की गई है. इसके अलावा लेजर तकनीक से पूरी सड़क की जांच की जा रही है ताकि छिपी हुई खामियों का पता लगाया जा सके.

कब तक मिलेगी राहत?

आपको बता दें कि, फिलहाल उन्नाव और आसपास के प्रभावित हिस्सों पर ट्रैफिक को डायवर्ट करके मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है. एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि जब तक एक्सप्रेसवे की पेवमेंट क्वालिटी और सुरक्षा मानकों को 100% दुरुस्त नहीं कर लिया जाता तब तक टोल प्लाजा पर ऑनलाइन टोल कटौती का सिस्टम पूरी तरह बंद रहेगा.

जबकि लगातार बारिश के मौसम में इस एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले ड्राइवरों को असुविधा से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है. ऐसे में लखनऊ से कानपुर जाने वाले यात्रियों को मरम्मत पूरी होने तक मुफ्त सफर की सहूलियत मिलती रहेगी.

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