अगर आप ट्रैफिक ई-चालान से परेशान हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है. साल 2026 की पहली लोक अदालत 14 मार्च को लगने जा रही है. इस दिन लोगों को अपने पुराने या पेंडिंग ट्रैफिक चालान को कम करवाने या कुछ मामलों में माफ करवाने का मौका मिल सकता है. कई बार छोटे ट्रैफिक नियम तोड़ने पर चालान कट जाता है, लेकिन लोग उसे लंबे समय तक जमा नहीं कर पाते. ऐसे में चालान पेंडिंग रह जाता है और लोगों को समझ नहीं आता कि इसे कैसे खत्म किया जाए. ऐसे मामलों के लिए लोक अदालत एक आसान और तेज तरीका माना जाता है. 

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क्या होती है लोक अदालत?

  • दरअसल, लोक अदालत का मकसद अदालतों में पड़े पुराने मामलों को जल्दी और आसान तरीके से खत्म करना होता है. यह व्यवस्था कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत चलाई जाती है. लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से फैसला किया जाता है. यहां दिया गया फैसला सामान्य अदालत के फैसले जितना ही मान्य होता है. खासकर ट्रैफिक चालान जैसे छोटे मामलों में यह तरीका बहुत मददगार होता है क्योंकि इसमें लंबी कानूनी प्रक्रिया नहीं होती. 

किन ट्रैफिक मामलों का निपटारा होता है ?

  • लोक अदालत में आमतौर पर छोटे ट्रैफिक नियम तोड़ने से जुड़े मामलों की सुनवाई होती है. जैसे बिना हेलमेट के बाइक चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, रेड लाइट पार करना या गलत जगह वाहन खड़ा करना. स्पीड लिमिट से ज्यादा तेज गाड़ी चलाने के मामलों को भी यहां सुलझाया जा सकता है. इसके अलावा PUC सर्टिफिकेट न होना, ड्राइविंग लाइसेंस साथ न रखना या गलत लेन में गाड़ी चलाना जैसे मामलों का भी निपटारा यहां किया जा सकता है. 

किन मामलों की नहीं होती सुनवाई?

  • लोक अदालत में केवल ऐसे मामले सुने जाते हैं जिनमें समझौता हो सकता है. कुछ गंभीर ट्रैफिक अपराध यहां नहीं लिए जाते. जैसे नशे में गाड़ी चलाना, हिट एंड रन का मामला या लापरवाही से ड्राइविंग के कारण किसी की मौत होना. नाबालिग के वाहन चलाने के मामले भी यहां नहीं सुने जाते. अगर वाहन का इस्तेमाल किसी अपराध में हुआ है या मामला पहले से किसी दूसरी अदालत में चल रहा है, तो उसका निपटारा लोक अदालत में नहीं हो सकता.

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी, ऐसे मिलेगा टोकन

  • लोक अदालत में चालान निपटाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. इसके लिए आवेदकों को राज्य ट्रैफिक पुलिस की ऑफिशियल वेबसाइट  पर जाना होगा. यहां लोक अदालत आवेदन विकल्प चुनकर फॉर्म भरना होगा और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे. आवेदन पूरा होने के बाद टोकन नंबर ई-मेल या मोबाइल पर भेजा जाएगा. टोकन नंबर के आधार पर ही मामलों की सुनवाई होगी.

लोक अदालत में कौन से दस्तावेज जरूरी हैं ?

बता दें कि लोक अदालत में जाते समय कुछ जरूरी दस्तावेज साथ ले जाना जरूरी होता है. इनमें ट्रैफिक चालान की कॉपी, वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल होते हैं. इसके साथ एक पहचान पत्र भी होना चाहिए जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी. अगर आपको चालान के लिए अदालत से कोई नोटिस या समन मिला है तो उसकी कॉपी भी साथ ले जानी चाहिए. अगर आपने पहले चालान का कुछ पैसा जमा किया है तो उसकी रसीद भी अपने साथ रखना जरूरी होता है.

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