आजकल ज्यादातर लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाइक या स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं. ऑफिस जाना हो, बाजार से सामान लाना हो या फिर किसी जरूरी काम से बाहर निकलना हो, दोपहिया वाहन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. कई बार लोग छोटी दूरी तय करने के लिए बिना ज्यादा तैयारी किए ही बाइक लेकर निकल जाते हैं. ऐसे में हेलमेट पहनना तो याद रहता है, लेकिन पैरों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता. बहुत से लोग चप्पल या स्लीपर पहनकर ही बाइक चलाने लगते हैं.

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वैसे तो भारत में फूटवियर को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं है, लेकिन इससे सड़क पर चलते समय छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है. बाइक चलाते समय पैरों का इस्तेमाल केवल वाहन को रोकने के लिए नहीं होता, बल्कि गियर बदलने, ब्रेक लगाने और वाहन को संतुलित रखने में भी मदद करते है. ऐसे में अगर पैरों में सही फुटवियर न हों, तो दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.

अचानक ब्रेक लगाने में हो सकती है परेशानी

बाइक चलाते समय अचानक सामने कोई वाहन आ जाए या कोई व्यक्ति सड़क पार करने लगे, तो तुरंत ब्रेक लगाना पड़ता है. ऐसी स्थिति में राइडर को तेजी से बाइक पर नियंत्रण करना होता है. चप्पल पहनने पर पैर ब्रेक पैडल या फुटरेस्ट पर सही तरीके से नहीं टिक पाते. कई बार पैर फिसलने से ब्रेक लगाने में देरी हो सकती है. वहीं तेज रफ्तार में कुछ सेकंड की देरी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है.

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गियर बदलते समय फंस सकती है चप्पल

मैनुअल गियर वाली बाइक चलाते समय बाएं पैर से गियर बदलना पड़ता है. चप्पल ढीली होने के कारण कई बार पैर से निकल सकती है या गियर लीवर में फंस सकती है. अगर ऐसा चलते वाहन के दौरान होता है, तो राइडर का ध्यान सड़क से हट सकता है. इससे बाइक का संतुलन बिगड़ने और दूसरे वाहनों से टक्कर होने का खतरा रहता है.

सड़क पर पैर रखने से लग सकती है चोट

ट्रैफिक में बाइक को अचानक रोकना पड़े या कम स्पीड में संतुलन बिगड़ने लगे, तो राइडर पैर जमीन पर टिकाकर खुद को संभालता है. चप्पल पहनने पर पैर सीधे सड़क के संपर्क में आ सकता है. सड़क पर मौजूद कंकड़, पत्थर, गर्म सतह या फिसलन वाली मिट्टी से चोट लग सकती है. वहीं बाइक गिरने की स्थिति में पैर के अंगूठे और उंगलियों में गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है.

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बाइक के गर्म हिस्सों से जलने का खतरा

बाइक में इंजन और एग्जॉस्ट जैसे हिस्से काफी गर्म हो जाते हैं. चप्पल पहनने पर पैर का बड़ा हिस्सा खुला रहता है. ऐसे में पैर गलती से एग्जॉस्ट पाइप या इंजन के गर्म हिस्से से छू जाए, तो जलने का खतरा हो सकता है. खासकर बाइक से उतरते समय या उसे स्टैंड पर खड़ा करते समय यह खतरा बढ़ जाता है.

बारिश में बढ़ जाता है फिसलने का खतरा

बारिश के मौसम में सड़क पर पानी, कीचड़ और तेल की परत जमा हो जाती है. ऐसी परिस्थितियों में चप्पल की पकड़ कमजोर होती है. बाइक रोकते समय पैर जमीन पर फिसलने से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है. इसके अलावा गीले फुटरेस्ट पर चप्पल का फिसलना भी परेशानी पैदा कर सकता है.

बाइक चलाते समय बेहतर फुटवियर चुनें

दोपहिया वाहन चलाते समय ऐसे फुटवियर पहनना बेहतर है, जो पैरों को अच्छी तरह ढकें और जिनकी ग्रिप मजबूत हो. जूतों का सोल ज्यादा चिकना नहीं होना चाहिए. ऐसे फुटवियर चुनें जिनमें पैर अच्छी तरह फिट रहें और चलते समय निकलने का खतरा न हो. लंबी दूरी की यात्रा या हाईवे पर सफर करते समय एंकल को कवर करने वाले राइडिंग बूट ज्यादा सुरक्षित विकल्प होते हैं.

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