अगर आप कर्नाटक से बाहर अपनी गाड़ी लेकर जाते थे, तो कई बार आपको बिना वजह चालान का सामना करना पड़ता था. ये समस्या काफी समय से वाहन मालिकों को परेशान कर रही थी. असल में दिक्कत आपके दस्तावेज में नहीं, बल्कि डेटा सिस्टम में थी. कर्नाटक के कई वाहनों का डेटा केंद्र सरकार के VAHAN पोर्टल पर सही तरीके से अपडेट नहीं था. जबकि दूसरे राज्यों की ट्रैफिक पुलिस इसी पोर्टल से वाहन की जानकारी चेक करती है. जब सिस्टम में डेटा नहीं दिखता था, तो पुलिस को लगता था कि वाहन के पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं और इसी वजह से चालान काट दिया जाता था.
किन राज्यों में ज्यादा परेशानी हुई?
दरअसल, ये समस्या खासतौर पर उन राज्यों में ज्यादा देखने को मिली जहां कर्नाटक के लोग अक्सर यात्रा करते हैं. जैसे महाराष्ट्र, गोवा, केरल और तमिलनाडु. इन जगहों पर कई लोगों को वैध दस्तावेज होने के बावजूद भारी जुर्माना भरना पड़ा. कई मामलों में तो 10,000 रुपये तक का चालान काट दिया गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई. इससे साफ होता है कि समस्या नियमों में नहीं, बल्कि डेटा की कमी में थी.
नया डिजिटल सिस्टम लागू
कर्नाटक सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है. 1 अप्रैल 2026 से PUCC (Pollution Under Control Certificate) का डेटा सीधे VAHAN पोर्टल से जोड़ दिया गया है. अब इस डेटा को पूरे देश में कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है. नए सर्टिफिकेट तुरंत सिस्टम में अपडेट होंगे, जबकि पुराने रिकॉर्ड भी धीरे-धीरे अपलोड किए जा रहे हैं. इससे अब ट्रैफिक पुलिस को सही और पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल सकेगी.
वाहन मालिकों को क्या फायदा मिलेगा?
इस बदलाव के बाद कर्नाटक के वाहन मालिकों को कई फायदे मिलेंगे. सबसे बड़ा फायदा यह है कि दूसरे राज्यों में गलत चालान की संभावना अब काफी कम हो जाएगी. इसके अलावा बार-बार कागज दिखाने की जरूरत भी कम होगी. वेरिफिकेशन प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी. बता दें कि अब वाहन मालिक अपने जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में भी रख सकते हैं. इसके लिए mParivahan और DigiLocker जैसे ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है. इन ऐप्स में आप अपने वाहन के दस्तावेज कभी भी देख सकते हैं.
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