अगर आप डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों से परेशान हैं और अब कुछ महीनों में अपने लिए एक नई गाड़ी खरीदना चाहते हैं तो यह खबर आपके काफी काम आ सकती है. क्योंकि, जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रदेश में पर्यावरण को साफ-सुथरा बनाए रखने और प्रदूषण घटाने के मकसद से अपनी नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

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बता दें कि, इस नई नीति के तहत राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को भारी-भरकम छूट दी जाएगी. सरकार की तरफ से ग्राहकों को गाड़ियों की अलग-अलग कैटेगरी पर 1.5 लाख रुपये तक की सीधी सब्सिडी का फायदा मिलेगा. जबकि इसके अलावा रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी बड़ी राहत देने का ऐलान किया गया है. चलिए जानतें हैं कि सरकार की इस नीति का पूरा गणित क्या है और इसका फायदा आम जनता को कैसे मिलेगा.

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

बता दें कि, सरकार ने इस नीति में हर तरह के वाहनों का पूरा ध्यान रखा है. अगर आप दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते हैं. तो आपको उसकी बैटरी क्षमता के हिसाब से छूट मिलेगी. जबकि थ्री-व्हीलर चालकों और कमर्शियल गाड़ियों के लिए भी विशेष सब्सिडी तय की गई है. हालांकि, सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो फोर-व्हीलर यानी इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं.

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क्योंकि, चार पहिया गाड़ियों पर सरकार अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है. यह छूट गाड़ी के एक्स-शोरूम प्राइस और उसकी बैटरी साइज के आधार पर तय की जाएगी. इससे इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाएगी.

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रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में भी मिलेगी छूट

वहीं, गाड़ी खरीदते वक्त सब्सिडी मिलने के साथ-साथ ग्राहकों को ऑन-रोड कीमत पर भी बड़ा फायदा होगा. सरकार ने नई ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में 100% तक की छूट देने का फैसला किया है.

आमतौर पर नई गाड़ी लेते समय रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन का खर्च जेब पर भारी पड़ता है, लेकिन अब इलेक्ट्रिक व्हीकल लेने पर यह पूरा पैसा बचेगा. इससे गाड़ी की ऑन-रोड कीमत काफी कम हो जाएगी और आम खरीदार के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ी अपनाना बहुत आसान हो जाएगा. यह कदम लोगों को पेट्रोल गाड़ियों से ईवी की तरफ शिफ्ट करने में मददगार साबित होगा.

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चार्जिंग नेटवर्क का मजबूत ढांचा

जानकारी दें दे कि, इलेक्ट्रिक गाड़ी लेने से पहले हर ग्राहक के मन में सबसे बड़ा डर चार्जिंग को लेकर होता है. इसी चिंता को दूर करने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पूरे राज्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का प्लान बनाया है. शहरों के प्रमुख चौराहों, हाईवे, पेट्रोल पंपों और टूरिस्ट स्पॉट्स पर जगह-जगह फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे.

वहीं, इसके अलावा प्राइवेट पार्किंग और कमर्शियल बिल्डिंग्स में भी चार्जिंग पॉइंट बनाना अनिवार्य किया जा रहा है. सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने वाली कंपनियों को भी आर्थिक मदद दे रही है ताकि चालकों को रास्ते में बैटरी खत्म होने की कोई टेंशन न रहे.

दोनों को होगा बड़ा फायदा

आपको बता दें कि, इस नई ईवी पॉलिसी का सीधा असर आम लोगों की जेब और जम्मू-कश्मीर के पर्यावरण दोनों पर पड़ेगा. पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाता है. इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा मिलने से प्रदूषण में बड़ी गिरावट आएगी और घाटी की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रहेगी.

वहीं, दूसरी तरफ ग्राहकों को भी ईंधन के खर्च से हमेशा के लिए आजादी मिलेगी. इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाने का प्रति किलोमीटर खर्च पेट्रोल के मुकाबले बेहद कम होता है. इस नीति के लागू होने से राज्य में हरित क्रांति को नई रफ्तार मिलेगी और लोगों का सफर काफी सस्ता हो जाएगा.

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