इंडियन स्टार्टअप The ePlane Company ने अपनी पहली फुल-साइज इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी e200X का प्रोटोटाइप पेश कर दिया है. यह विमान हेलिकॉप्टर की तरह बिना रनवे के सीधे ऊपर उड़ान भर सकता है और सीधे जमीन पर उतर भी सकता है. खास बात यह है कि इसे पूरी तरह भारत में बनाया गया है और इसे भविष्य में शहरों के ट्रैफिक का समाधान माना जा रहा है.

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e200X को आईआईटी मद्रास डिस्कवरी कैंपस में बनाया गया है. यह भारत की पहली फुल-साइज इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी है, जिसे शहर के ट्रांसपोर्ट को आसान, तेज और ईको-फ्रेंडली बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. कंपनी का मानना है कि आने वाले सालों में लोग लंबी दूरी तय करने के लिए सड़कों की बजाय हवा का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे ट्रैफिक जाम और सफर का समय दोनों कम होंगे.

कितने लोगों के लिए बनी है ये टैक्सी?

इस फ्लाइंग टैक्सी में कुल तीन लोगों के बैठने की व्यवस्था है. इसमें एक पायलट और दो यात्री सफर कर सकते हैं.एक बार बैटरी पूरी तरह चार्ज होने पर यह लगभग 110 किलोमीटर तक उड़ान भर सकती है.इसकी बॉडी को एडवांस कार्बन फाइबर कंपोजिट मटेरियल से बनाया गया है, जिससे इसका वजन कम रहता है और मजबूती भी बनी रहती है.इसमें 800 वोल्ट का हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिक पावरट्रेन लगाया गया है, जो तेज चार्जिंग और बेहतर परफॉर्मेंस में मदद करता है.

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इस विमान की सबसे बड़ी खासियत इसका वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL) सिस्टम है.यानी इसे उड़ान भरने या उतरने के लिए किसी लंबे रनवे की जरूरत नहीं होती. यह सीधे जमीन से ऊपर उठ सकता है और किसी छोटी जगह पर भी सेफ लैंड कर सकता है.यही तकनीक इसे बड़े शहरों में एयर टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए बेहद जरूरी बनाती है.

The ePlane Company ने इस प्रोजेक्ट पर कई सालों तक काम किया है.इससे पहले कंपनी छोटे आकार के प्रोटोटाइप और दूसरे टेस्ट एयरक्राफ्ट के जरिए 10,000 किलोमीटर से ज्यादा की टेस्टिंग उड़ानें पूरी कर चुकी है.अब e200X का फुल-साइज मॉडल ग्राउंड टेस्टिंग के चरण में पहुंच चुका है.इन टेस्टिंग के सफल होने के बाद कंपनी इसे उड़ान टेस्टिंग के अगले चरण में ले जाएगी.

फ्लाइंग टैक्सी की तकनीक

तकनीक के मामले में भी e200X काफी एडवांस है. इसमें ऑटोनोमस फ्लाइंग को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटिंग सिस्टम लगाए गए हैं. विमान में NVIDIA IGX Thor प्लेटफॉर्म और HENSOLDT का एडवांस एवियोनिक्स सिस्टम इस्तेमाल किया गया है, जो उड़ान के दौरान नेविगेशन, डेटा प्रोसेसिंग और सेफ्टी को बेहतर बनाता है. इसके अलावा कंपनी के पास अपनी पेटेंटेड Synergistic Lift तकनीक भी है.

कंपनी की प्लानिंग है कि सभी जरूरी टेस्टिंग और सरकारी मंजूरियां मिलने के बाद साल 2027 के आखिर तक इसकी उड़ानें शुरू कर दी जाएं. इसके बाद 2028 में सबसे पहले एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी. भविष्य में यही तकनीक यात्रियों के लिए एयर टैक्सी सेवा के रूप में भी इस्तेमाल होगी, जिससे शहरों में कुछ ही मिनटों में एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचना संभव हो सकेगा.

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