Check Engine Warning Light Meaning Reasons: आजकल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बेहद ही आधुनिक कारें बना रही हैं और इसके चलते ही डैशबोर्ड भी पहले से ज्यादा आधुनिक हो गए हैं. अब लोगों को भी ऐसी ही गाड़ियां पसंद आ रही हैं. क्योंकि, डिजिटल डैशबोर्ड के चलते गाड़ी में होने वाली अंदर के दिक्कत भी पता चल जाती है. हालांकि, डैशबोर्ड में कई ऐसी लाइट जलती हैं जिसे सब लोग समझ भी नहीं पाते हैं.
जबकि आपकी गाड़ी में भी ऐसी लाइट है जिसे लगभग 90% लोग या तो समझ नहीं पाते या फिर देखकर भी अनदेखा कर देते हैं. जिसे आप नज़रअंदाज कर दे रहे हैं वह है चेक इंजन लाइट. तो चलिए जानतें है इस लाइट का मतलब क्या है और यह अब जलती है.
क्यों जलती है चेक इंजन लाइट?
आपको बता दें कि, चेक इंजन लाइट जलने के पीछे कई छोटे-बड़े कारण हो सकते हैं. कई बार यह सिर्फ कार की फ्यूल कैप ढीली होने या ठीक से बंद न होने जैसी बेहद मामूली वजह से भी ऑन हो जाती है. लेकिन अधिकांश मामलों में यह इंजन के किसी महत्वपूर्ण हिस्से जैसे ऑक्सीजन सेंसर, मास एयरफ्लो सेंसर, या स्पार्क प्लग में खराबी आने का संकेत देती है.
गाड़ी का ऑन-बोर्ड डायग्नोस्टिक सिस्टम जैसे ही इंजन के काम करने के तरीके में कोई गड़बड़ी पकड़ता है, वह तुरंत ड्राइवर को सचेत करने के लिए इस वार्निंग लाइट को डैशबोर्ड पर चमका देता है.
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कभी न करें नजरअंदाज
अगर आपकी गाड़ी में भी यह लाइट कई दिनों या महीनों से जल रही तो यह किसी बड़ी परेशानी का पहचान बता रहा है. क्योंकि, इसका सबसे बड़ा असर आपकी कार के कैटेलिटिक कनवर्टर पर पड़ता है. यह गाड़ी के साइलेंसर के पास लगा एक बेहद महंगा पार्ट होता है जो इंजन से निकलने वाले जहरीले धुएं को साफ करता है.
जब इंजन में कोई खराबी होती है तो अनजला ईंफ्यूल धन इस कनवर्टर में पहुंचने लगता है. जिससे यह पूरी तरह चोक या खराब हो जाता है. इसे बदलवाने का खर्च गाड़ी के मॉडल के हिसाब से 30,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक जा सकता है.
भारी खर्च से कैसे बचें?
आपको बता दें कि, जैसे ही आपको अपनी कार के डैशबोर्ड पर यह लाइट जलती हुई दिखाई दे तो सबसे पहले अपनी फ्यूल कैप चेक करें. अगर वह ठीक है तो बिना देर किए किसी अच्छे मैकेनिक या ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर जाएं.
वहां मैकेनिक आपकी कार में एक ओबीडी स्कैनर लगाएगा जो गाड़ी के कंप्यूटर से फॉल्ट कोड रीड करके बिल्कुल सटीक खराबी बता देगा. समय रहते 500 रुपये का सेंसर बदलवाने से आप इंजन सीज होने या कैटेलिटिक कनवर्टर खराब होने जैसे लाखों रुपये के बड़े नुकसान से बेहद आसानी से बच सकते हैं.
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