Car Brake Pads: कार की ब्रेकिंग सिस्टम में ब्रेक पैड बेहद अहम हिस्सा होता है. इसके घिसने पर कार को रोकने में ज्यादा समय लग सकता है और ड्राइविंग के दौरान सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. अच्छी बात यह है कि ब्रेक पैड पूरी तरह खराब होने से पहले कार कई संकेत देने लगती है. अगर ब्रेक लगाते समय आवाज आए, ब्रेकिंग कमजोर लगे या पैडल दबाने का तरीका बदल जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं ब्रेक पैड बदलने के वॉर्निंग साइन.
ब्रेक लगाते समय आने लगे आवाज
ब्रेक दबाने पर अगर लगातार तेज चीखने या सीटी जैसी आवाज सुनाई दे रही है, तो ब्रेक पैड की जांच करानी चाहिए. कई ब्रेक पैड में वियर इंडिकेटर लगा होता है, जो पैड के ज्यादा घिसने पर आवाज के जरिए ड्राइवर को संकेत देता है. हालांकि हर आवाज का मतलब ब्रेक पैड खराब होना नहीं होता. कभी-कभी धूल या छोटे कणों की वजह से भी आवाज आ सकती है..
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ब्रेक पैडल पहले से ज्यादा दबाना पड़े
अगर कार रोकने के लिए ब्रेक पैडल को पहले से ज्यादा नीचे तक दबाना पड़ रहा है, तो ब्रेक सिस्टम की जांच करानी चाहिए. ब्रेक पैड के घिसने के साथ पैडल फील में बदलाव आ सकता है. हालांकि ब्रेक फ्लूइड या दूसरे पार्ट्स की खराबी भी इसका कारण हो सकती है. ब्रेक लगाने पर स्टीयरिंग या ब्रेक पैडल में कंपन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें. कई बार इसकी वजह ब्रेक डिस्क के असमान होने से जुड़ी होती है, लेकिन ब्रेक पैड की कंडीशन भी जांचना जरूरी है. खासकर तेज स्पीड पर यह समस्या महसूस हो तो सर्विस सेंटर पर जांच कराना बेहतर है. इसके अलावा ब्रेक पैड की मोटाई कम होना उसे बदलने का सबसे सीधा संकेत है. अगर सर्विस के दौरान मैकेनिक बताता है कि पैड काफी घिस चुके हैं, तो उन्हें समय पर बदल देना चाहिए. इन्हें पूरी तरह घिसने तक इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे डिस्क को भी नुकसान पहुंच सकता है.
ब्रेक वार्निंग लाइट को न करें नजरअंदाज
कुछ कारों में ब्रेक सिस्टम से जुड़ी चेतावनी लाइट डैशबोर्ड पर दिखाई देती है. अगर यह लाइट लगातार जल रही है, तो ब्रेक सिस्टम की जांच करानी चाहिए. सिर्फ ब्रेक पैड को दोष देने के बजाय पूरे सिस्टम की जांच जरूरी है, क्योंकि वार्निंग लाइट के पीछे अलग अलग वजह हो सकते हैं.
ब्रेक पैड कब बदलना चाहिए
ब्रेक पैड बदलने का कोई एक तय समय सभी कारों के लिए नहीं होता. इसकी लाइफ कार के मॉडल, ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक, सड़क और ब्रेक इस्तेमाल करने की आदत पर निर्भर करती है. इसलिए आवाज, कंपन, कमजोर ब्रेकिंग या कम पैड मोटाई जैसे संकेत मिलने पर जांच कराना बेहतर है. ब्रेक सिस्टम से जुड़ी समस्या सामने आने पर अधिकृत सर्विस सेंटर या योग्य मैकेनिक से जांच कराएं.
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