Number Plate Cloning: सड़कों पर बढ़ती निगरानी और ट्रैफिक कैमरों के बीच एक नया खतरा तेजी से सामने आ रहा है, जिसे नंबर प्लेट क्लोनिंग कहा जाता है. इस अपराध में किसी दूसरे वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की नकल कर उसे अपने वाहन पर लगा लिया जाता है. नतीजा यह होता है कि गलती कोई और करता है, लेकिन चालान असली वाहन मालिक के पास पहुंच जाता है. हैदराबाद में सामने आए हालिया मामलों ने इस समस्या को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.

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नंबर प्लेट क्लोनिंग कैसे की जाती है

हैदराबाद पुलिस की जांच में सामने आया कि कुछ लोग जानबूझकर दूसरे वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर की कॉपी यानी क्लोन बना लेते हैं. इसके बाद वे उसी नंबर प्लेट को अपने वाहन पर लगाकर ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं. शहर में लगे कैमरे और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान सिस्टम केवल नंबर को रिकॉर्ड करते हैं, इसलिए चालान असली वाहन मालिक के पास पहुंच जाता है. पुलिस को ऐसे कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें लोगों ने बताया कि उन्हें उन जगहों के चालान मिल रहे हैं जहां वे गए ही नहीं थे.

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हैदराबाद केस ने खोली पोल

एक मामले में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के रहने वाले व्यक्ति को हैदराबाद के जुबली हिल्स इलाके के चालान मिलने लगे, जबकि वह वहां गया ही नहीं था. जांच में पता चला कि फूड एग्रीगेटर के लिए काम करने वाले 26 वर्षीय वी सुरेश कुमार ने अपने स्कूटर से असली रजिस्ट्रेशन नंबर हटाकर उसकी जगह दूसरे वाहन का नंबर लगा लिया था ताकि वह बार बार नियम तोड़कर भी बच सके. इसी तरह एक महिला को भी कई चालान मिले, जबकि वह घर से बाहर भी नहीं निकली थी. बाद में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से असली आरोपी को पकड़ा, जिसने अपने वाहन के नंबर में हल्का बदलाव कर फर्जी प्लेट बना ली थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस तरह की कई शिकायतें मिल रही हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें अपने वाहन के नंबर के गलत इस्तेमाल का शक हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें. रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 के पहले 10 महीनों में ही हैदराबाद में 36,000 से ज्यादा गलत चालान जारी किए गए हैं. 

ऐसे करें बचाव और शिकायत

अगर आपको भी बिना वजह चालान मिलने लगें, तो यह नंबर प्लेट क्लोनिंग का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में सबसे पहले अपने वाहन की लोकेशन और उपयोग का रिकॉर्ड देखें और चालान की तारीख और जगह से मिलान करें. अगर शक हो, तो तुरंत ट्रैफिक पुलिस से संपर्क करें, ई चालान वेबसाइट या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें. पुलिस का कहना है कि नकली या बदली हुई नंबर प्लेट का इस्तेमाल करना एक गंभीर और सजा मिलने वाला अपराध है. सीसीटीवी कैमरों और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान सिस्टम जैसी नई तकनीक की मदद से ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है. इसलिए समय रहते सतर्क रहना और शिकायत करना ही सबसे बेहतर बचाव है.

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