अब नई कार खरीदना जितना आसान हो गया है, उतना ही मुश्किल अपनी पुरानी कार को अच्छी कीमत में बेचना भी हो गया है. कई लोग अपनी कार सालों तक संभालकर रखते हैं, लेकिन जब उसे बेचने की बारी आती है तो उम्मीद के मुताबिक दाम नहीं मिल पाते. इसकी सबसे बड़ी वजह यह होती है कि लोग कार की देखभाल और उसकी प्रेजेंटेशन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. अगर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो पुरानी कार की रीसेल वैल्यू काफी बढ़ाई जा सकती है और बेचते समय अच्छा फायदा मिल सकता है.

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कार की समय-समय पर सर्विस कराना

सबसे जरूरी चीज कार की समय-समय पर सर्विस कराना है. नियमित सर्विस से इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर रहती है और कार लंबे समय तक अच्छी स्थिति में बनी रहती है. जब खरीदार को पता चलता है कि गाड़ी की सही तरीके से देखभाल की गई है, तो वह ज्यादा भरोसा करता है और अच्छी कीमत देने के लिए तैयार हो जाता है. ऑयल चेंज, ब्रेक चेक, टायर रोटेशन और जरूरी रिपेयर समय पर कराना कार की वैल्यू बढ़ाने में मदद करता है. 

साफ-सफाई का ध्यान 

कार की साफ-सफाई भी रीसेल वैल्यू में बड़ा रोल निभाती है. अगर कार बाहर और अंदर से साफ-सुथरी दिखती है तो पहली नजर में ही खरीदार पर अच्छा असर पड़ता है. सीटों की सफाई, डैशबोर्ड की चमक, बदबू रहित केबिन और साफ इंजन कार को ज्यादा आकर्षक बनाते हैं. कई बार सिर्फ प्रोफेशनल क्लीनिंग और पॉलिश करवाने से ही कार की कीमत हजारों रुपये तक बढ़ सकती है.

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सर्विस हिस्ट्री संभालकर रखना 

इसके अलावा कार की सर्विस हिस्ट्री संभालकर रखना भी बहुत जरूरी है. सर्विस सेंटर की रसीदें, रिपेयर बिल और मेंटेनेंस रिकॉर्ड यह साबित करते हैं कि गाड़ी की अच्छी तरह देखभाल हुई है. पूरी सर्विस हिस्ट्री होने से खरीदार को भरोसा मिलता है कि कार में कोई बड़ी छिपी हुई समस्या नहीं है. एक्सपर्ट्स के अनुसार अच्छी सर्विस हिस्ट्री वाली कार को नॉर्मल कारों से ज्यादा कीमत मिल सकती है.

छोटी-छोटी खराबियों को नजरअंदाज न करें

छोटी-छोटी खराबियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे खराब वाइपर, फ्यूज लाइट, दरवाजे की आवाज या डैशबोर्ड पर जलती वार्निंग लाइट खरीदार के मन में कार को लेकर गलत धारणा बना सकती है. कम खर्च में इन समस्याओं को ठीक करवाकर बड़ी कीमत कटौती से बचा जा सकता है. 

ये चीजें खरीदार को करती हैं प्रभावित

अगर कार में मॉडर्न फीचर्स और एक्सेसरीज मौजूद हों तो उसका आकर्षण और बढ़ जाता है. ब्लूटूथ सिस्टम, रियर कैमरा, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और अच्छे म्यूजिक सिस्टम जैसी चीजें खरीदार को प्रभावित करती हैं. हालांकि एक्सेसरीज ऐसी होनी चाहिए जो कार के ओरिजिनल लुक को खराब न करें. बहुत ज्यादा मॉडिफिकेशन कई खरीदारों को पसंद नहीं आते. 

कार बेचने का सही समय चुनना भी अहम होता है. एक्सपर्ट्स  का मानना है कि 3 से 5 साल पुरानी कार बेचने पर बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है. इसके अलावा फेस्टिव सीजन में पुरानी कारों की मांग बढ़ जाती है, जिससे अच्छे दाम मिल सकते हैं. 

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