3 Second Rule in Driving: भारत में हर रोज हजारों सड़क एक्सीडेंट होते हैं. यहां के खराब सड़कें और खराब ड्राइविंग 2 सबसे बड़े मुख्य कारण हैं रोड एक्सीडेंट में. ऐसा देखा जाता है कि, कई बार सड़क दुर्घटना आप की वजह से होता है और कभी-कभी सामने वाले की गलती के चलते भी एक्सीडेंट हो जाता है. जिसके चलते आज हम इस खबर में बात करेंगे की इन रोड एक्सीडेंट से कैसे बचा जा सकता है.

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बता दें कि, अगर आप भी इस बड़े खतरे से बचना चाहते हैं तो सड़क सुरक्षा एक्सपर्ट्स का दिया हुआ 3 सेकंड का ड्राइविंग फॉर्मूला आपकी जान बचा सकता है. यह एक ऐसा जादुई और बेहद आसान नियम है जिसे फॉलो करने के बाद आप अचानक होने वाले एक्सीडेंट्स से हमेशा सुरक्षित रह सकते हैं.

क्या है 3 सेकंड का ड्राइविंग रूल?

बता दें कि, अक्सर लोग सोचते हैं कि सुरक्षित दूरी का मतलब गाड़ी को कुछ मीटर या कुछ फीट पीछे रखना होता है. लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक दूरी को फीट में नापने के बजाय समय यानी सेकंड में मापना ज्यादा आसान और सही तरीका है. 

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3-सेकंड का यह नियम सिर्फ आपकी कार की स्पीड पर निर्भर नहीं करता बल्कि यह आपके और आपके आगे चल रही गाड़ी के बीच एक सुरक्षित टाइम गैप बनाए रखने का फॉर्मूला है. यह नियम आपको सड़क पर किसी भी इमरजेंसी स्थिति में रिएक्ट करने यानी ब्रेक लगाने या गाड़ी मोड़ने के लिए पर्याप्त समय देता है.

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कैसे करें इस फॉर्मूले का इस्तेमाल?

जब भी आप सड़क पर गाड़ी चला रहे हों तो सामने दिखने वाले किसी भी स्थिर ऑब्जेक्ट जैसे बिजली का खंभा, कोई पेड़, ट्रैफिक साइन बोर्ड या किसी चौराहे को अपना लैंडमार्क चुन लें. जैसे ही आपके आगे चल रही गाड़ी उस निशान या खंभे को पार करे. आप अपने मन में गिनती शुरू करें एक सेकंड, दो सेकंड और तीन सेकंड. 

अगर आपकी कार तीन सेकंड पूरे होने से पहले ही उस खंभे तक पहुंच जाती है तो इसका मतलब है कि आप आगे वाली गाड़ी के बहुत ज्यादा करीब हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत स्पीड कम करें और थोड़ी दूरी बढ़ाएं.

क्यों खास है यह नियम?

आपको बता दें कि, गाड़ी चलाते समय हमारा दिमाग और बॉडी किसी भी खतरे को देखकर तुरंत रिएक्ट करने में कुछ मिलीसेकंड का समय लेते हैं. जिसे रिएक्शन टाइम कहा जाता है. अगर आपकी स्पीड 48 किमी प्रति घंटा है तो गाड़ी को पूरी तरह रुकने के लिए करीब 150 फीट की जगह चाहिए होती है और यही स्पीड 112 किमी प्रति घंटा होने पर दूरी बढ़कर 500 फीट तक हो जाती है. 

ऐसे में अगर आगे वाले ने अचानक ब्रेक दबाया और आपके बीच 3 सेकंड का गैप नहीं हुआ तो टक्कर होना तय है. यह 3 सेकंड का गैप आपको सोचने और ब्रेक दबाने का वो कीमती समय देता है जो जिंदगी और मौत के बीच का अंतर तय करता है.

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