अब भारत में भी टेक्नोलॉजी बहुत आगे निकल चुका है. क्योंकि, पहले जहां हाईवे या एक्सप्रेसवे पर लंबी लाइन लगती थी वहां अब फास्टैग ने राह बेहद आसान कर दी है. क्योंकि, फास्टैग के आने से अब ऑटोमैटिक ऑनलाइन पैसे कट जाते हैं और आपको लाइन में लगकर इंतजार नहीं करना पड़ता है. हालांकि, टेक्नोलॉजी हमारे काम आसान कर रही है तो कभी-कभी हम इसके चलते मुश्किल में भी पड़ जाते हैं.

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ऐसा इस लिए है क्योंकि, कई  तकनीकी खराबी या सिस्टम की गलती के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार गाड़ी घर के बाहर खड़ी रहती है और फोन पर टोल कटने का मैसेज आ जाता है या फिर एक ही टोल प्लाजा पर दो बार पैसे कट जाते हैं. तो चलिए जानते हैं कि गलत टोल कटने पर आपको क्या कदम उठाने चाहिए.

हेल्पलाइन पर दर्ज करें शिकायत

अगर आपका कभी भी गलत टोल कटने का SMS आता है तो आप सबसे पहला काम NHAI के आधिकारिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करने का होना चाहिए. यह हेल्पलाइन 24 घंटे काम करती है और खास तौर पर टोल से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बनाई गई है.

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वहीं, कॉल करने पर आपको अपना गाड़ी नंबर, FASTag की डिटेल्स और जिस टोल प्लाजा पर पैसे कटे हैं उसकी जानकारी देनी होगी. शिकायत दर्ज होने के बाद NHAI की टीम उस टोल प्लाजा के CCTV कैमरे और सिस्टम डेटा की जांच करती है. अगर मामला सही पाया जाता है तो आपका रिफंड प्रोसेस कर दिया जाता है और कुछ ही दिनों में आपके कटे हुए पैसे वापस आ जाएंगे.

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बैंक में भी दर्ज करें शिकायत

आपको बता दें कि, 1033 पर कॉल करने के अलावा आपको उस बैंक या ऐप के कस्टमर केयर पर भी शिकायत दर्ज करानी चाहिए जिससे आपका FASTag लिंक है. आप बैंक की मोबाइल ऐप में जाकर FASTag Transaction History वाले सेक्शन में जाएं.

वहां जिस गलत ट्रांजैक्शन के पैसे कटे हैं उस पर Dispute या Report Issue का ऑप्शन चुनें. बैंक आपसे ट्रांजैक्शन आईडी और मैसेज का स्क्रीनशॉट मांगेगा. शिकायत मिलने के बाद बैंक टोल ऑपरेटर से वेरिफिकेशन करता है और पैसा रिफंड कर देता है.

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कितने दिनों में मिलता है पैसा?

नियमों के मुताबिक गलत टोल कटने की शिकायत दर्ज कराने के बाद वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में 3 से 7 वर्किंग डेज का समय लगता है. अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि आपकी गाड़ी उस टोल से नहीं गुजरी थी या फिर एक ही बार में दो बार पैसे कट गए थे तो काटा गया पूरा पैसा सीधे आपके FASTag वॉलेट में क्रेडिट कर दिया जाता है.

वहीं, अगर आपने समय पर शिकायत दर्ज कराई है और 15 दिनों के भीतर बैंक या टोल ऑपरेटर समस्या का हल नहीं निकालता है तो आप बैंकिंग लोकपाल से भी इसकी सीधी शिकायत कर सकते हैं.

हमेशा बरते यह सावधानियां

अगर आपको लगता है कि आपकी बेची हुई या पुरानी कार का FASTag अभी भी आपके अकाउंट से लिंक है तो उसे तुरंत डिएक्टिवेट करवा लें. इसके अलावा जब भी किसी टोल प्लाजा से गुजरें तो अपने मोबाइल पर आने वाले SMS नोटिफिकेशन पर ध्यान दें.

क्योंकि, गलत ट्रांजैक्शन होने पर 30 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कराना अनिवार्य होता है अगर आप बहुत देर से शिकायत करेंगे तो क्लेम खारिज हो सकता है. हमेशा अपने पास FASTag ऐप का एक्सेस रखें ताकि आप अपनी बैलेंस हिस्ट्री पर नजर रख सकें और किसी भी तरह की डिजिटल धोखाधड़ी से अपनी मेहनत की कमाई बचा सकें.

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