Fancy Number Plate: हाल ही में स्टार हीरो विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने हैं. जिसके बाद वह बेहद ही सुर्ख़ियों में बने हुए हैं. वहीं, विजय को TN07CM2026 नंबर प्लेट गिफ्ट मिलने की खबर काफी चर्चा में रही. इसके बाद लोगों के बीच फैंसी और VIP नंबर प्लेट को लेकर दिलचस्पी फिर बढ़ गई है. भारत में कई लोग अपनी कार या बाइक के लिए खास नंबर लेना पसंद करते हैं. कुछ लोग अपने जन्मदिन, लकी नंबर या किसी खास तारीख से जुड़े नंबर चुनते हैं, जबकि कुछ लोग 0001, 9999 या 0786 जैसे VIP नंबर के लिए बड़ी रकम तक खर्च कर देते हैं. 

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लेकिन फैंसी नंबर प्लेट लेना सिर्फ पसंद की बात नहीं बल्कि इसके लिए तय नियम और प्रक्रिया भी होती है. हर राज्य का RTO ऐसे नंबरों के लिए अलग फीस और सिस्टम तय करता है. कई बार इन नंबरों के लिए ऑनलाइन बोली भी लगाई जाती है, जहां कीमत लाखों रुपए तक पहुंच जाती है.

ऐसे मिलती है फैंसी नंबर प्लेट

भारत में फैंसी या VIP नंबर प्लेट लेने के लिए वाहन मालिक को RTO की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है. अब ज्यादातर राज्यों में यह काम ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किया जाता है. सबसे पहले उपलब्ध VIP नंबरों की लिस्ट जारी की जाती है. इसके बाद इच्छुक लोग अपने पसंदीदा नंबर के लिए आवेदन करते हैं. अगर किसी नंबर की ज्यादा डिमांड होती है तो उसकी नीलामी कराई जाती है. जो सबसे ज्यादा बोली लगाता है उसे वह नंबर मिल जाता है. 

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कई राज्यों में 0001, 0007, 9999 और 1111 जैसे नंबरों की कीमत लाखों रुपए तक पहुंच जाती है. इसके अलावा अलग अलग नंबरों के लिए अलग रिजर्व प्राइस भी तय होती है. हालांकि नंबर मिलने के बाद भी वाहन मालिक को नियमों के अनुसार ही नंबर प्लेट लगानी होती है. स्टाइलिश या डिजाइन वाली नंबर प्लेट कई बार नियमों के खिलाफ मानी जाती हैं.

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VIP नंबर प्लेट लेते समय इन नियमों का रखें ध्यान

फैंसी नंबर लेने के बाद भी वाहन मालिक को सरकार की तय गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होता है. नंबर प्लेट का फॉन्ट, साइज और डिजाइन मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार होना चाहिए. कई लोग नंबर प्लेट को स्टाइलिश बनाने के चक्कर में अक्षरों और नंबरों को बदल देते हैं, जिससे चालान तक हो सकता है. इसके अलावा VIP नंबर मिलने के बाद तय समय में वाहन रजिस्ट्रेशन पूरा करना भी जरूरी होता है. 

बता दें कि, आज फैंसी नंबर सिर्फ स्टेटस सिंबल नहीं बल्कि लोगों की पर्सनल पसंद का हिस्सा बन चुके हैं. यही वजह है कि बड़े शहरों में VIP नंबरों की डिमांड लगातार बढ़ रही है. आने वाले समय में ऑनलाइन सिस्टम और डिजिटल नीलामी के जरिए यह प्रक्रिया और आसान हो सकती है.

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