भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. कम प्रदूषण, कम खर्च और स्मूद ड्राइविंग के कारण EVs लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं. हालांकि, इन गाड़ियों की एक बड़ी समस्या हमेशा से रही है कि कम रफ्तार पर ये लगभग बिना आवाज के चलती हैं. यही खामोशी कई बार पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों, बुजुर्गों और दृष्टिबाधित लोगों के लिए खतरा बन जाती है. इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ा एक बड़ा और अहम फैसला लिया है.

Continues below advertisement

अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

  • ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के अनुसार, अक्टूबर 2026 से भारत में सभी इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर वाहनों में Acoustic Vehicle Alerting System (AVAS) अनिवार्य कर दिया जाएगा. यह सिस्टम गाड़ी के 0 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर एक्टिव रहेगा. इस स्पीड रेंज में EVs की आवाज सबसे कम होती है और एक्सीडेंट का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है. AVAS के जरिए गाड़ी से हल्की इंजन जैसी आवाज आएगी, जिससे आसपास मौजूद लोगों को वाहन की मौजूदगी का अंदाजा हो सके.

AVAS सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है?

  • AVAS यानी अकॉस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम एक सेफ्टी फीचर है, जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों में कम स्पीड पर आर्टिफिशियल साउंड जनरेट करता है. जब EV पार्किंग एरिया, तंग गलियों, ट्रैफिक सिग्नल या रिवर्स मोड में होती है, तब यह सिस्टम एक्टिव होकर Warning sound देता है. यह आवाज इतनी तेज नहीं होती कि शोर लगे, लेकिन इतनी जरूर होती है कि लोग सतर्क हो जाएं.

EV की साइलेंट नेचर क्यों है खतरनाक?

  • पेट्रोल और डीजल गाड़ियों में इंजन की आवाज अपने आप एक चेतावनी का काम करती है. लेकिन EVs में न इंजन की आवाज होती है और न ही कम स्पीड पर टायर की ज्यादा साउंड आती है. आजकल लोग मोबाइल या इयरफोन लगाए रहते हैं, जिससे सामने आती गाड़ी का पता नहीं चल पाता. यही वजह है कि EVs की खामोशी कई बार हादसों की वजह बन जाती है. फिलहाल यह नियम इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों के लिए है, लेकिन ARAI ने संकेत दिया है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए भी AVAS जैसे सिस्टम पर विचार किया जा सकता है.

EV खरीदारों के लिए क्या बदलेगा?

  • अक्टूबर के बाद जो नई इलेक्ट्रिक कारें बिकेंगी, उनमें AVAS सिस्टम फैक्ट्री फिटेड होगा. पुराने EV मालिकों के लिए रेट्रोफिट को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है. कुल मिलाकर यह बदलाव पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें:-

Kia Syros या Mahindra XUV 3XO: फीचर्स के मामले में कौन सी SUV है ज्यादा दमदार? यहां जानें अंतर 

Continues below advertisement


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI