EV vs Petrol Cars Tyres: इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही लोगों के मन में कई सवाल भी उठ रहे हैं. ऐसा ही एक सवाल EV यानी इलेक्ट्रिक कारों के टायरों को लेकर है. कई लोगों का मानना है कि इलेक्ट्रिक कार के टायर पेट्रोल या डीजल कारों के मुकाबले ज्यादा तेजी से घिस जाते हैं. सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इस विषय को लेकर कई तरह की चर्चाएं देखने को मिलती हैं. लेकिन क्या यह बात पूरी तरह सही है.

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दरअसल इसका जवाब सिर्फ हां या ना में नहीं दिया जा सकता. टायर की लाइफ कई चीजों पर निर्भर करती है, जिनमें वाहन का वजन, ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की स्थिति और टायर की गुणवत्ता शामिल है. EV और पेट्रोल कारों के बीच कुछ तकनीकी अंतर जरूर हैं, जो टायर घिसने की रफ्तार को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए इस विषय की पूरी सच्चाई समझना जरूरी है.

ज्यादा वजन और तेज टॉर्क बन सकते हैं वजह

इलेक्ट्रिक कारों में बड़ी बैटरी पैक लगी होती है, जिसके कारण उनका कुल वजन आम पेट्रोल कारों की तुलना में ज्यादा हो सकता है. ज्यादा वजन का असर सीधे टायरों पर पड़ता है और इससे टायर पर दबाव बढ़ जाता है. इसके अलावा EV में मोटर से तुरंत टॉर्क मिलता है. यानी एक्सीलेटर दबाते ही कार तेजी से गति पकड़ती है. अगर चालक बार-बार तेज एक्सीलेरेशन करता है तो टायरों का घिसाव बढ़ सकता है.

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यही कारण है कि कुछ मामलों में EV के टायर अपेक्षाकृत जल्दी घिसते हुए दिखाई दे सकते हैं. हालांकि यह हर वाहन और हर चालक पर समान रूप से लागू नहीं होता. आज कई कंपनियां खास तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ऐसे टायर तैयार कर रही हैं जो ज्यादा वजन और टॉर्क को बेहतर तरीके से संभाल सकें.

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सही ड्राइविंग और देखभाल से बढ़ सकती है टायर लाइफ

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल इलेक्ट्रिक वाहन होने से टायर जल्दी खराब नहीं हो जाते. यदि वाहन को संतुलित तरीके से चलाया जाए और टायरों की नियमित देखभाल की जाए तो उनकी लाइफ काफी बेहतर रह सकती है. समय-समय पर टायर प्रेशर जांचना, व्हील अलाइनमेंट करवाना और टायर रोटेशन कराना बेहद जरूरी होता है. इसके अलावा अचानक तेज एक्सीलेरेशन और हार्ड ब्रेकिंग से बचने पर भी टायर लंबे समय तक चलते हैं.

आधुनिक EV में कई स्मार्ट सिस्टम भी दिए जा रहे हैं जो ऊर्जा बचाने के साथ टायरों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करने में मदद करते हैं. इसलिए यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि EV के टायर हमेशा पेट्रोल कारों की तुलना में जल्दी घिसते हैं. असल फर्क वाहन के इस्तेमाल और रखरखाव के तरीके से पड़ता है.

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