पिछले कुछ सालों में भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट बहुत तेजी से बदला है. पहले जहां पेट्रोल-डीजल गाड़ियों का बोलबाला रहता था और अब वहीं यह धीरे-धीरे कम हो रहा है. क्योंकि, भारतीय लोग अब बहुत तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं. जिसके चलते EV गाड़ियों की बिक्री में शानदार उछाल देखने को मिल रहा है.

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बता दें कि, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस FADA के ताजा बिक्री आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में देश में कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री में साल-दर-साल आधार पर 53 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है. अब आकड़ें को देखकर हर कोई हैरान है. आइए जानतें हैं इस बड़े बदलाव के पीछे क्या वजह है और इसका भारतीय मार्केट पर क्या असर पड़ रहा है.

टू-व्हीलर सेगमेंट में आया शानदार उछाल

आपको बता दें कि, ईवी की इस तेज रफ्तार ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट का रहा है. अगस्त 2026 में 1.83 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बिके जो पिछले साल के मुकाबले 67 प्रतिशत ज्यादा रहा है.

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वहीं, अब दोपहिया वाहनों के बाजार में ईवी की हिस्सेदारी 7.7% से बढ़कर 10.7% तक पहुंच गई है. पेट्रोल स्कूटरों की तुलना में महज 20 से 30 पैसे प्रति किलोमीटर की बेहद कम रनिंग कॉस्ट और आसान मेंटेनेंस के कारण लोग अब पेट्रोल बाइक्स और स्कूटरों को छोड़कर तेजी से इलेक्ट्रिक विकल्पों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं.

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TVS और Bajaj का दबदबा

वहीं, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में पारंपरिक और स्थापित वाहन निर्माताओं का दबदबा काफी मजबूत हुआ है. अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक TVS मोटर करीब 48,938 यूनिट्स की बिक्री और 26.7% मार्केट शेयर के साथ पहले स्थान पर रही.

वहीं बजाज ऑटो ने 236% की जबरदस्त सालाना ग्रोथ दर्ज करते हुए 41,114 चेतक ईवी बेचे. इसके अलावा एथर एनर्जी ने 28,757 यूनिट्स और हीरो मोटोकॉर्प ने 19,007 यूनिट्स की बिक्री की. जबकि स्टार्ट-अप ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई जिससे स्थापित ब्रांड्स पर ग्राहकों का भरोसा साफ झलकता है.

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पैसेंजर ईवी में आया उछाल

बता दें कि, केवल दोपहिया ही नहीं बल्कि चार पहिया इलेक्ट्रिक कारों और एसयूवी की मांग में भी जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अगस्त महीने में पैसेंजर ईवी की बिक्री 51.9 प्रतिशत बढ़कर 30,696 यूनिट्स पर पहुंच गई. कार सेगमेंट में टाटा मोटर्स 13,158 यूनिट्स बेचकर और करीब 44% मार्केट शेयर के साथ टॉप पर बनी हुई है.

जबकि इसके बाद महिंद्रा और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर का स्थान रहा. बाजार में मारुति सुजुकी और विनफास्ट जैसे नए दिग्गजों की एंट्री से आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारों का विकल्प और विस्तार होने वाला है. जिससे आने वाले समय में यह उछाल और भी बढ़ती दिख रही है.

क्या थम जाएगी पेट्रोल गाड़ियों की रफ्तार?

आपको बता दें कि, जिस तरह से हर महीने ईवी वाहनों की डिमांड भारतीय सड़कों पर बढ़ रही है उससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले सालों में पेट्रोल-डीजल वाहनों के लिए राह आसान नहीं रहने वाली. हालांकि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से स्थापना और बैटरी तकनीकों में सुधार के साथ ईवी गाड़ियों की शुरुआती कीमतें भी अब धीरे-धीरे पेट्रोल मॉडलों के करीब आ रही हैं.

वहीं, FADA के अनुसार भले ही महीने स्तर पर थोड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिलें लेकिन लंबे समय के तौर पर ऑटो इंडस्ट्री का रुख पूरी तरह से ग्रीन और क्लीन मोबिलिटी की ओर मोड़ चुका है जो वाहन निर्माताओं को अपनी ईवी रणनीतियां तेज करने के लिए मजबूर कर रहा है.

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