अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही उथल-पुथल और खासकर ईरान संकट (Iran Crisis) के बाद पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर भारी असर डाला है. ऐसे में भारतीय ग्राहक अब तेजी से सस्ते और बेहतर विकल्प की तरफ मुड़ रहे हैं. वह ऑप्शन इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) है. हाल ही में पीएम मोदी ने देश में क्लीन एनर्जी (Clean Energy) और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की थी. इस अपील और महंगे होते फ्यूल का मिला-जुला असर अब भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में साफ तौर पर दिखने लगा है. देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स (Tata Motors), जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर (JSW MG Motor) और महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) ने इस बात की पुष्टि की है कि पिछले कुछ हफ्तों में EV की मांग में जबरदस्त उछाल आया है.

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ईरान संकट और महंगे तेल का सीधा असर

पश्चिम एशिया (West Asia) में ईरान और अन्य देशों के बीच चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है. इस वजह से पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं. ऐसे में आम मिडिल-क्लास परिवारों के लिए अब पेट्रोल कार चलाना काफी महंगा साबित हो रहा है. यही वजह है कि लोग अब पेट्रोल पंप की लाइनों से बचने और हर महीने हजारों रुपये बचाने के लिए इलेक्ट्रिक कारों के शोरूम का रुख कर रहे हैं.

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टाटा मोटर्स (Tata Motors) के शोरूम में बढ़ी पूछताछ

भारत के EV मार्केट में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का कहना है कि ग्राहकों की दिलचस्पी EV को लेकर बहुत तेजी से बढ़ रही है. कंपनी के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को देखने और उनके बारे में पूछने वालों की संख्या में अचानक तेजी आई है. देश भर में टाटा के कई डीलर पार्टनर्स ने रिपोर्ट दी है कि लोग सिर्फ पूछताछ ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि धड़ाधड़ बुकिंग भी कर रहे हैं. कंपनी भी मानती है कि वेस्ट एशिया के संकट और महंगे ईंधन के डर ने लोगों को EV अपनाने के लिए प्रेरित किया है.

JSW MG Motor India ने जारी किए शानदार आंकड़े

इलेक्ट्रिक कारों के मामले में JSW MG Motor India ने भी डिमांड में जबरदस्त बढ़ोतरी की बात कही है. कंपनी के मुताबिक, साल 2026 के जनवरी-फरवरी महीने के मुकाबले, मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान EV में ग्राहकों की रुचि 23% से ज्यादा बढ़ गई है. कंपनी को पूरी उम्मीद है कि साल 2026 के बचे हुए महीनों में भी इलेक्ट्रिक कारों की मांग इसी तरह रहेगी. JSW MG Motor का अनुमान है कि 2026 के अंत तक भारत में बिकने वाली कुल पैसेंजर कारों (4-व्हीलर) में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 8% के आंकड़े को पार कर जाएगी.

महिंद्रा (M&M) ने किया PM की अपील का समर्थन

इलेक्ट्रिक एसयूवी (SUV) सेगमेंट में तेजी से आगे बढ़ रही महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने भी बाजार के इस बदलते रुख का स्वागत किया है. महिंद्रा ने पीएम मोदी की ग्रीन और क्लीन एनर्जी की अपील का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा  कि भारत के पास इस समय पेट्रोल-डीजल पर अपनी निर्भरता कम करने और क्लीन एनर्जी की तरफ तेजी से बढ़ने का गोल्डन चांस है. 

लोग क्यों अपना रहे हैं EV? 

रनिंग कॉस्ट में भारी बचत: पेट्रोल कार को चलाने का खर्च 5 से 7 रुपये प्रति किलोमीटर आता है. वहीं, EV को चार्ज करके चलाने का खर्च मात्र 1 से 1.5 रुपये प्रति किलोमीटर पड़ता है.

  • पीएम मोदी की अपील और भरोसा: सरकार लगातार चार्जिंग स्टेशन बढ़ा रही है और पीएम मोदी की अपील के बाद लोगों में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भरोसा जगा है.
  • पर्यावरण की चिंता: लोग अब प्रदूषण को लेकर जागरूक हो रहे हैं और बिना धुआं देने वाली शांत कारों को पसंद कर रहे हैं.
  • लेटेस्ट टेक्नोलॉजी: नई इलेक्ट्रिक कारों में पेट्रोल कारों के मुकाबले कहीं ज्यादा एडवांस और प्रीमियम फीचर्स मिल रहे हैं.

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