CNG and EV Record Sales: देश में बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों के चलते अब कार खरीदारों की सोच पूरी तरह से बदल रही है. लगातार पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा हो रहा है जिससे अब इन गाड़ियों की बिक्री पर भी असर देखने को मिल रहा है. क्योंकि, अब लोग कार खरीदने से पहले उसकी कीमत से ज्यादा उसके रोज के चलने के खर्च पर ध्यान दे रहे हैं.
यही वजह है कि, अभी हाल ही में हुए ताजा आंकड़ों के मुताबिक पहली बार पेट्रोल कारों की बिक्री मार्केट शेयर के आधे से भी कम हो गई है. जबकि सीएनजी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. तो चलिए जानतें हैं कि सीएनजी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स गाड़ियों में कितना इजाफा हुआ है.
50% से नीचे गिरा पेट्रोल कारों का ग्राफ
बता दें कि, भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट के इतिहास में बहुत बड़ा टर्निंग पॉइन्ट आया है. सरकारी डेटा के अनुसार पैसेंजर गाड़ियों की कुल बिक्री में पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 49.6% रह गई है. पिछले साल तक यह आंकड़ा 54% से ज्यादा हुआ करता था.
इसका सीधा मतलब यह है कि अब आधे से ज्यादा भारतीय खरीदार पेट्रोल को छोड़कर दूसरे फ्यूल ऑप्शंस की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं. लोग अब टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप के खर्च को समझ रहे हैं और भारी-भरकम पेट्रोल बिल से पूरी तरह पीछा छुड़ाना चाहते हैं.
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CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री में हुआ इजाफा
लोग पेट्रोल गाड़ियों से इस लिए दूरी बना रहे हैं क्योंकि सीएनजी और ईवी गाड़ियां अब मार्केट में धमाल मचा रही हैं. इस बार सीएनजी कारों का मार्केट शेयर अपने ऑल-टाइम हाई यानी 24.5% पर पहुंच गया है. जिसका मतलब है कि हर चार में से एक कार सीएनजी वाली बिक रही है. वहीं दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक कारों ने भी 7.7% की रिकॉर्ड हिस्सेदारी हासिल कर ली है. इसके अलावा हाइब्रिड गाड़ियों की डिमांड में भी गजब का उछाल देखा जा रहा है क्योंकि ये बिना किसी चार्जिंग की टेंशन के शानदार माइलेज देती हैं.
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