Traffic Rules: देश में रोजाना लाखों लोग बाइक या स्कूटर से ऑफिस, बाजार और कई दूसरी जगहों पर आते-जाते हैं. इनमें ज्यादातर लोग आराम के लिए चप्पल, सैंडल या स्लीपर पहनना पसंद करते हैं. रोजमर्रा के कामों या आसपास आने-जाने के दौरान यह बिल्कुल नॉर्मल बात है, लेकिन अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे दावे देखने को मिलते हैं कि चप्पल पहनकर कार या बाइक चलाने पर ट्रैफिक पुलिस भारी जुर्माना लगा सकती है. यही वजह है कि कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या सच में चप्पल पहनकर व्हीकल चलाने पर चालान कट सकता है. इन दावों को देखकर कई लोग कंफ्यूजन में पड़ जाते हैं. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि क्या चप्पल पहनकर बाइक चलाने से भी चालान हो जाता है.
क्या चप्पल पहनकर बाइक चलाने से भी चालान हो जाता है?
मोटर व्हीकल अधिनियम (Motor Vehicles Act) में चप्पल पहनकर बाइक चलाने से चालान होने को लेकर कोई नियम नहीं है. अगर कोई व्यक्ति चप्पल पहनकर बाइक, स्कूटर या कार चला रहा है तो सिर्फ इसी वजह से ट्रैफिक पुलिस उसका चालान नहीं कर सकती है. हालांकि कई लोग यह मानते हैं कि चप्पल पहनकर व्हीकल चलाना कानूनी अपराध है, लेकिन ऐसा नहीं है.
क्या चप्पल पहनकर ड्राइविंग करना सुरक्षित है?
चप्पल पहनने पर सीधे चालान का नियम नहीं है, लेकिन सड़क सुरक्षा के तहत इसे सुरक्षित नहीं माना जाता है. ढीली चप्पल या फ्लिप-फ्लॉप कई बार व्हीकल चलाते समय परेशानी पैदा कर सकती है. बाइक चलाते समय चप्पल पैर से निकल सकती है या सड़क पर पैर टिकाने के दौरान बैलेंस बिगाड़ सकती है. वहीं कार चलाते समय चप्पल ब्रेक, क्लच या एक्सेलेरेटर के नीचे फंस सकती है. ऐसी स्थिति में समय पर व्हीकल कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ सकता है.
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कब कट सकता है चालान?
ट्रैफिक नियमों के अनुसार कई ऐसी गलतियां हैं जिन पर बाइक चालकों का चालान काटा जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति मोटरसाइकिल पर नियमों के खिलाफ फैंसी नंबर प्लेट लगाता है, दो से ज्यादा लोगों को बैठाकर बाइक चलाता है, हेलमेट नहीं पहनता या पीछे बैठा यात्री बिना हेलमेट के सफर करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा तेज स्पीड में बाइक चलाना, रेड लाइट जंप करना, वाहन के जरूरी डॉक्यूमेंट जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) साथ न रखना और वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUCC) न होना भी ट्रैफिक नियमों के खिलाफ माना जाता है. ऐसी स्थिति में ट्रैफिक पुलिस मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान काट सकती है और कुछ मामलों में अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
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