E20 Petrol Mileage Drop: पुरे भारत में आजकल पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले E20 फ्यूल को लेकर हर जगह बहस छिड़ी हुई है. जबकि अब एथेनॉल को लेकर बहस और बढ़ती जा रही है. लोगों का मानना है कि, एथेनॉल से गाड़ियों के माइलेज में कमी आ रही है.

Continues below advertisement

जिसके चलते आज हम इस खबर में बात करेंगे की E20 फ्यूल को लेकर ऑटो इंडस्ट्री के एक्सपर्ट का क्या मानना है. तो चलिए जानतें हैं कि इस पूरे मामले पर देश के बड़े ऑटो एक्सपर्ट्स, कार कंपनियों और खुद सरकार का क्या कहना है.

घटता है कार का माइलेज

आपको बता दें कि, अगर आपको भी ऐसा लग रहा है कि आपकी गाड़ी E20 फ्यूल से कम माइलेज दे रही है तो आप गलत नहीं समझ रहें हैं. क्योंकि, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और मारुति सुजुकी जैसी बड़ी कंपनियों ने खुद यह बात स्वीकार की है कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से गाड़ियों के माइलेज में गिरावट आती है. 

Continues below advertisement

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता नॉर्मल पेट्रोल के मुकाबले करीब एक-तिहाई कम होती है. इसका मतलब है कि इंजन को उतनी ही ताकत पैदा करने के लिए थोड़ा ज्यादा फ्यूल जलाना पड़ता है जिससे चलते माइलेज करीब 3% से 6% तक कम हो जाता है.

यह भी पढ़ें: कार के स्क्रैच हटाने के लिए सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं, घर पर ऐसे करें ठीक

पुरानी गाड़ियों को हो रही दिक्कत 

एथेनॉल फ्यूल का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जिनके पास अप्रैल 2023 से पहले की बनी गाड़ियां हैं. हाल ही में आए कुछ रियल-वर्ल्ड सर्वे बताते हैं कि पुरानी गाड़ियों के मालिक 10% से लेकर 15% तक माइलेज ड्रॉप की शिकायत कर रहे हैं. 

जिसके बाद एक्सपर्ट्स का मानना हैं कि पुरानी गाड़ियां पूरी तरह से प्योर पेट्रोल के हिसाब से ट्यून की गई थीं. उनमें E20 फ्यूल डालने से न सिर्फ माइलेज पर असर पड़ता है बल्कि इंजन के कुछ रबर और प्लास्टिक पार्ट्स के जल्दी खराब होने का डर भी बना रहता है. लेकिन इस मामले पर सरकार ने इंजन फेल होने के दावों को पूरी तरह गलत बताया है.

पिकअप में मिलता है फायदा

आपको बता दें कि, इस पूरे विवाद के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री और ऑटो एक्सपर्ट्स ने इसके कुछ फायदे भी बताएं हैं. उनका मानना है कि भले ही माइलेज में थोड़ी गिरावट हो रही है. लेकिन एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर ज्यादा होता है. 

इसका मतलब यह है कि आपकी गाड़ी का पिकअप पहले से बेहतर हो जाता है और इंजन से आने वाली खटखटाहट भी कम होती है. इसके अलावा जो नई गाड़ियां सीधे E20 के लिए ही बनाई गई हैं उनके इंजन को इस तरह कैलिब्रेट किया गया है कि उनमें माइलेज का नुकसान न के बराबर महसूस होता है.

यह भी पढ़ें: Diwali 2026 में होगा बड़ा SUV धमाका, लॉन्च होंगी 2 दमदार Hybrid SUVs


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI