Does Petrol Pump Affect Car Mileage: भारत में कार माइलेज को लेकर हमेशा से ही बहस रहती है और हर कोई ज्यादा माइलेज देने वाली कार को खरीदना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप अपने घर के पास वाले किसी खास पेट्रोल पंप से तेल भरवाते हैं तो गाड़ी का माइलेज कुछ और मिलता है और किसी दूसरे हाईवे वाले पंप से डलवाने पर माइलेज अचानक कम या ज्यादा हो जाता है? 

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बता दें कि, यह बहस बरसों से चल रही है. कुछ लोग इसे सिर्फ एक वहम मानते हैं तो कुछ का दावा है कि पेट्रोल पंप बदलने से सीधा असर गाड़ी की सेहत पर पड़ता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का असली सच क्या है और क्या सच में माइलेज का असर पड़ता है.

मिलावट और डेंसिटी से पड़ता है फर्क 

बता दें कि, यह कोई वहम नहीं बल्कि एक कड़वा सच है कि अलग-अलग पेट्रोल पंपों की वजह से आपकी कार के माइलेज में अंतर आ सकता है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है फ्यूल की शुद्धता और उसकी डेंसिटी. सरकारी नियमों के मुताबिक पेट्रोल की डेंसिटी 720 से 775 kg/m³ के बीच होनी चाहिए. 

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कुछ पेट्रोल पंप मालिक ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए पेट्रोल में सॉल्वेंट या भारी मात्रा में एथेनॉल मिला देते हैं. जब ईंधन में मिलावट होती है तो इंजन को उतनी ताकत पैदा करने के लिए ज्यादा पेट्रोल जलाना पड़ता है जिससे आपकी गाड़ी का माइलेज सीधे 10 से 15 परसेंट तक गिर जाता है.

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तापमान से भी पड़ता है फर्क 

आपको बता दें कि, दूसरा सबसे बड़ा कारण जो सीधे आपके माइलेज से जुड़ा है वह है पेट्रोल पंप की मशीनों में होने वाली तापमान का असर. कई बार कुछ पेट्रोल पंपों की मशीनें इस तरह सेट होती हैं कि वे स्क्रीन पर तो पूरा 1 लीटर दिखाती हैं. लेकिन आपकी टंकी में वास्तव में 950 ml तेल ही जाता है. 

जब तेल ही कम मिला तो माइलेज तो कम होना ही है. इसके अलावा दोपहर के तेज तापमान में पेट्रोल फैल जाता है. अगर आप चिलचिलाती धूप में तेल डलवाते हैं तो आपको उतनी डेंसिटी नहीं मिलती. जिससे माइलेज पर हल्का असर पड़ता है. इसलिए सुबह के वक्त तेल डलवाना हमेशा बेहतर माना जाता है.

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