भारत अभी प्रदूषण में टॉप देशों में आता है. जहां की हवा बेहद ही खतरनाक और जानलेवा है. इंडिया के कई प्रदेश में अभी प्रदूषण बहुत ज्यादा है. जिसमें दिल्ली और उसके आप-पास के शहर भी शामिल है. इस लिए सरकार ने पुरे दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में हवा में प्रदूषण को बढ़ते देख अब ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP का पहला चरण लागू कर दिया है. यदि आप भी दिल्ली या इसके आस-पास के इलाकों में गाड़ी चलाते हैं तो आपको कुछ जरूरी नियमों का खास ध्यान रखना होगा वरना आपका भारी-भरकम चालान कट सकता है.

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क्योंकि प्रदूषण के खिलाफ सरकार और ट्रैफिक पुलिस गाड़ियों से होने वाले धुएं और एमिशन पर पैनी नजर रख रही है. जगह-जगह ऑटोमेटेड कैमरे और चेकिंग टीमें एक्टिव कर दी गई हैं. चलिए जानतें हैं कि ग्रैप-1 लागू होने के बाद आपको किन गाड़ियों को सड़क पर चलाने से बचना चाहिए और कौन से नियम तोड़ने पर सीधा मोटा जुर्माना भरना पड़ सकता है और कितने रुपये तक का चालान काटा जा सकता है.

बिना PUC के न चलाएं गाड़ी

आपको बता दें कि GRAP-1 के लागू होते ही सबसे बड़ा और कड़ा नियम प्रदूषण प्रमाण पत्र सर्टिफिकेट को लेकर है. यदि आपकी गाड़ी का पीयूसी सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है या आपके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं. तो गाड़ी सड़क पर बिल्कुल न निकालें.

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क्योंकि चेकिंग के दौरान या ऑटोमेटेड कैमरों की पकड़ में आने पर बिना वैध पीयूसी के पकड़े जाने पर सीधे तौर पर 10,000 रुपये तक का भारी-भरकम चालान काटा जा सकता है. कई पेट्रोल पंपों पर भी अब बिना वैलिड पीयूसी के फ्यूल भी नहीं दिया जा रहा है.

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अनफिट वाहन भी हैं बैन

वहीं इसके अलावा सड़कों पर बहुत ज्यादा काला धुआं छोड़ने वाली पुरानी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर ट्रैफिक पुलिस की विशेष नजर है. अगर आपकी गाड़ी काफी पुरानी है और उसका इंजन ठीक से काम नहीं कर रहा है तो वह प्रदूषण के तय मानकों का उल्लंघन मानकर जब्त की जा सकती है या उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. क्योंकि ग्रैप नियमों के तहत प्रशासन पुरानी और अनफिट गाड़ियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर विशेष अभियान चलाता है जिससे ऐसे चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

पार्किंग फीस में हुआ इजाफा

जानकारी के लिए आपको यह भी बता दें कि गाड़ियों के इस्तेमाल को कम करने और लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का यूज़ ज्यादा करने के लिए इंस्पायर करने के लिए ग्रैप-1 के नियमों के तहत सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर पार्किंग फीस को दोगुना तक बढ़ाया जा सकता है.

जबकि इसके अलावा होटल, ढाबे और खुले में खाने-पीने की दुकानों पर तंदूर या हीटिंग के लिए कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है. ताकि स्थानीय स्तर पर धुएं के प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सके.

चालान से बचने के लिए क्या करें?

आप अगर चालान और कानूनी कार्रवाई से बचना चाहते हैं तो जब भी घर से निकलें तो अपनी गाड़ी के कागज और PUC सर्टिफिकेट की वैधता की जांच जरूर कर लें. जबकि इसके अलावा प्रदूषण के लेवल को कम करने में सहयोग करने के लिए छोटे सफर तय करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो या ऑटो का इस्तेमाल करें.

अगर आप सरकार और प्रशासन की इन गाइडलाइन्स का पालन करते हैं तो आप न सिर्फ अपनी जेब को भारी चालान से बचा सकते हैं बल्कि दिल्ली-एनसीआर की हवा को साफ रखने में भी अपना अहम योगदान दे सकते हैं.

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