गर्मी का मौसम आते ही गाड़ियों की सेफ्टी और मेंटेनेंस का महत्व और बढ़ जाता है, खासकर CNG कारों के मामले में ऐसा होता है. सीएनजी कारें जहां एक तरफ पेट्रोल-डीजल की तुलना में सस्ती और किफायती होती हैं, वहीं दूसरी तरफ इन्हें सही देखभाल की जरूरत भी होती है. गर्मियों में तापमान बढ़ने के कारण CNG सिस्टम पर दबाव भी बढ़ सकता है, जिससे लापरवाही की स्थिति में खतरा पैदा हो सकता है. इसी वजह से CNG कार चलाने वालों के लिए कुछ जरूरी सावधानियों को समझना बहुत जरूरी है, ताकि गाड़ी सुरक्षित रहे और किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके.

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इन चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी

गर्मियों में सबसे पहली और जरूरी बात यह है कि CNG टैंक को हमेशा पूरी तरह फुल न करवाएं. ज्यादा गर्मी में गैस फैलती है, इसलिए टैंक में थोड़ी खाली जगह छोड़ना सुरक्षित माना जाता है. इससे टैंक के अंदर दबाव संतुलित रहता है और किसी तरह के लीकेज या जोखिम की आशंका कम हो जाती है. इसके अलावा कोशिश करनी चाहिए कि गाड़ी को हमेशा छांव में पार्क किया जाए, क्योंकि सीधे धूप में कार का तापमान बहुत बढ़ जाता है. इससे CNG सिस्टम पर असर पड़ सकता है.

छोटी लापरवाही हादसे का बन सकती है कारण

CNG कार की सेफ्टी के लिए उसकी समय-समय पर जांच भी बहुत जरूरी होती है. खासकर CNG पाइपलाइन, फिटिंग और टैंक की रोजाना सर्विसिंग करानी चाहिए. अगर कहीं भी गैस की गंध या लीकेज का शक हो तो तुरंत सर्विस सेंटर जाकर जांच करवानी चाहिए. इस तरह की छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.

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इसके अलावा CNG टैंक का हाइड्रो टेस्ट समय-समय पर कराना भी जरूरी होता है. यह टेस्ट टैंक की मजबूती और सुरक्षा की जांच करता है. अगर लंबे समय से यह टेस्ट नहीं कराया गया है तो इसे जल्द से जल्द करवा लेना चाहिए ताकि किसी भी खतरे से बचा जा सके.

इंजन का कैसे रखें ख्याल?

इंजन की परफॉर्मेंस बनाए रखने के लिए एयर फिल्टर और स्पार्क प्लग की सफाई और समय पर बदलाव भी जरूरी है. गंदे फिल्टर या खराब स्पार्क प्लग से न सिर्फ माइलेज कम होता है, बल्कि इंजन पर भी ज्यादा प्रेशर पड़ता है. इसके साथ ही टायरों में सही हवा का प्रेशर बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि गाड़ी सुरक्षित और स्मूद तरीके से चल सके. इसके अलावा गाड़ी हमेशा सिर्फ CNG मोड पर ही गाड़ी न चलाएं, बल्कि समय-समय पर पेट्रोल मोड का इस्तेमाल भी करें. इससे इंजन की लाइफ बेहतर रहती है.

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