गाड़ी में पेट्रोल की आ रही बदबू, भूलकर भी न करें ड्राइव
गाड़ी में पेट्रोल की गंध आना फ्यूल लीक, खराब कैप या डैमेज नोजल का संकेत है, जिससे आग लगने का बड़ा खतरा रहता है. ऐसे में सफर तुरंत रोकें और मैकेनिक से जांच कराएं.

अक्सर गाड़ी में बैठते ही पेट्रोल जैसी हल्की बदबू महसूस होती है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि केबिन में पेट्रोल की बदबू आना कभी भी सामान्य बात नहीं मानी जाती, यह गाड़ी के फ्यूल सिस्टम में किसी गड़बड़ी का साफ संकेत हो सकता है. पेट्रोल की भाप ज्वलनशील होती है और सेहत के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकती है, इसलिए इसे हल्के में लेना खतरे को दावत देने जैसा हो सकता है. आइए जानते हैं कि गाड़ी से पेट्रोल की बदबू क्यों आती है और इसे लेकर क्या सावधानी बरतनी चाहिए.
फ्यूल कैप का ढीला होना बन सकता है वजह
पेट्रोल की बदबू की सबसे आम वजह फ्यूल कैप का ठीक से बंद न होना है. पेट्रोल बहुत जल्दी भाप बनकर उड़ता है, और इसी वजह से गाड़ियों में फ्यूल कैप लगाया जाता है ताकि यह भाप बाहर न निकल सके. अगर कैप ठीक से क्लिक होकर बंद नहीं हुआ है, तो अंदर से पेट्रोल की भाप लगातार बाहर आती रहती है, जिससे केबिन में भी बदबू महसूस होने लगती है. यह एक ऐसी समस्या है जिसे बिना मैकेनिक के पास जाए भी चेक किया जा सकता है.
फ्यूल लाइन और इंजेक्टर में खराबी
गाड़ी में लगी फ्यूल लाइन और इंजेक्टर की रबर सील समय के साथ पुरानी होकर कमजोर पड़ने लगती है. इनमें आई छोटी सी दरार से भी पेट्रोल की भाप रिसने लगती है, खासकर जब इंजन गर्म हो जाता है. यही वजह है कि कई बार गाड़ी स्टार्ट करते ही बदबू नहीं आती, बल्कि कुछ मिनट चलाने के बाद महसूस होती है. यह भाप वेंटिलेशन सिस्टम के जरिए केबिन के अंदर तक पहुंच जाती है.
टंकी में जंग या ईवीएपी सिस्टम की खराबी
पुरानी गाड़ियों में फ्यूल टैंक के आसपास जंग लगने से भी टंकी से भाप रिसने लगती है, भले ही जमीन पर पेट्रोल टपकता न दिखे. इसके अलावा आजकल की गाड़ियों में लगा ईवीएपी सिस्टम पेट्रोल की भाप को बाहर निकलने से रोकता है, लेकिन इसका चारकोल कैनिस्टर या वॉल्व खराब होने पर यह सिस्टम ठीक से काम नहीं करता और भाप कैबिन तक पहुंच जाती है.
यह भी पढ़ें: अंडरबॉडी CNG टैंक के साथ लॉन्च हो सकती है नई WagonR, जानें
बदबू आने पर तुरंत क्या करना चाहिए?
अगर गाड़ी चलाते समय पेट्रोल की तेज बदबू महसूस हो, तो सबसे पहला काम है गाड़ी को सुरक्षित जगह रोककर खिड़कियां खोल देना. बदबू तेज और लगातार बनी रहे तो दोबारा इंजन स्टार्ट करने से बचना चाहिए, क्योंकि छोटी सी चिंगारी भी पेट्रोल की भाप को आग पकड़ा सकती है. गाड़ी के नीचे झांककर देखा जा सकता है कि कहीं गीलापन या पेट्रोल टपकने के निशान तो नहीं हैं.
लंबे समय तक पेट्रोल की भाप में सांस लेने से सिरदर्द, चक्कर और जी मिचलाने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं, इसलिए बंद गैराज या पार्किंग में भी इस बदबू को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में गाड़ी को तुरंत किसी भरोसेमंद मैकेनिक के पास ले जाकर फ्यूल कैप, फ्यूल लाइन और टंकी की पूरी जांच करानी चाहिए.
यह भी पढ़ें: देश में कितने बैरियर फ्री टोल, कब तक सभी Toll Plaza पर मिलने लगेगी ये सुविधा?





















