कार की सेफ्टी में टायर सबसे अहम हिस्सा होते हैं, क्योंकि सड़क पर गाड़ी का सीधा संपर्क सिर्फ टायरों के जरिए ही होता है. लेकिन कई लोग टायर में पंक्चर होने के बाद उसे बार-बार रिपेयर करवाते रहते हैं और यह नहीं समझ पाते कि कब तक टायर सुरक्षित है और कब उसे बदल देना चाहिए?

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कई बार ज्यादा पंक्चर वाला टायर सड़क पर अचानक फट सकता है, जिससे बड़ा हादसा भी हो सकता है. इसलिए हर कार मालिक को यह जानना जरूरी है कि एक टायर में कितने पंक्चर सुरक्षित माने जाते हैं और किस स्थिति में नया टायर लगवाना बेहतर होता है? 

इन चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी

  • आमतौर पर अगर टायर में छोटा पंक्चर ट्रेड वाले हिस्से यानी बीच के भाग में हुआ है, तो उसे रिपेयर किया जा सकता है। लेकिन अगर पंक्चर साइडवॉल यानी किनारे वाले हिस्से में हो, तो ऐसा टायर सुरक्षित नहीं माना जाता और उसे बदलने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार साइडवॉल में रिपेयर करने से टायर की मजबूती कम हो सकती है और तेज स्पीड में खतरा बढ़ जाता है.
  • किसी भी टायर में बहुत ज्यादा पंक्चर होना सुरक्षित नहीं माना जाता. सामान्य तौर पर 2 से 3 छोटे पंक्चर तक, अगर सही तरीके से रिपेयर किए गए हों और अलग-अलग जगह पर हों, तो टायर कुछ समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर पंक्चर बार-बार हो रहे हों या एक ही हिस्से के आसपास कई रिपेयर किए गए हों, तो टायर की मजबूती कमजोर होने लगती है. ऐसे में नया टायर लगवाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
  • अगर टायर में लगा पंक्चर बड़ा हो, कट जैसा हो या छेद 6 मिमी से ज्यादा हो जाए, तो उसे रिपेयर करना सुरक्षित नहीं माना जाता. ऐसे टायर हाईवे या लंबी दूरी की ड्राइविंग में कभी भी जवाब दे सकते हैं. इसी तरह अगर टायर काफी घिस चुका हो और उसकी ग्रिप कम हो गई हो तो पंक्चर रिपेयर करवाने का ज्यादा फायदा नहीं रहता.
  • एक और जरूरी बात यह है कि कई लोग सड़क किनारे पंक्चर रिपेयर करवाकर लंबे समय तक उसी टायर का इस्तेमाल करते रहते हैं. बाहर से लगाया गया साधारण प्लग या रबर स्ट्रिप सिर्फ अस्थायी समाधान होता है. सही रिपेयर वही माना जाता है जिसमें टायर खोलकर अंदर से पूरी जांच की जाए और प्रोफेशनल तरीके से पैच लगाया जाए.
  • अगर गाड़ी चलाते समय बार-बार हवा कम हो रही हो, स्टीयरिंग में कंपन महसूस हो, टायर एक तरफ झुक रहा हो या टायर की सतह पर कट उभार और दरारें दिखाई देती तो यह संकेत हो सकता है कि टायर अब सुरक्षित नहीं है. ऐसी स्थिति में सिर्फ पंक्चर बनवाने के बजाय पूरा टायर बदलवाना बेहतर रहता है. 

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