भारत में दिसंबर 2025 ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बेहद खास महीना साबित हुआ. इस दौरान कार निर्माताओं ने डीलरों को रिकॉर्ड संख्या में गाड़ियां भेजीं. उद्योग संगठन SIAM के आंकड़ों के अनुसार, ये पूरे साल 2025 का सबसे बड़ा मासिक उछाल रहा. इसकी सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा की गई टैक्स कटौती और ग्राहकों की बढ़ती खरीदारी बताई जा रही है. कम कीमतों और बेहतर ऑफर्स के चलते लोगों ने बड़ी संख्या में नई कारें खरीदीं. आइए विस्तार से जानते हैं.
कितनी कारों की हुई बिक्री?
- SIAM के मुताबिक, दिसंबर 2025 में कुल 3,99,216 यूनिट कारें डीलरों को भेजी गईं. ये आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 26.8% ज्यादा है. पूरे साल 2025 की बात करें तो कार बिक्री में करीब 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि 2024 में यह बढ़त 4.2% रही थी. इससे साफ है कि ऑटो सेक्टर धीरे-धीरे मजबूत स्थिति में लौटता नजर आ रहा है.
टैक्स कटौती से कैसे बढ़ी मांग?
- सरकार ने सितंबर 2025 में वाहनों पर टैक्स घटाने का बड़ा फैसला लिया था. 1500cc से ज्यादा इंजन वाली SUVs पर टैक्स 50% से घटाकर 40% कर दिया गया. वहीं छोटी कारों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया. इस बदलाव के बाद कई कार मॉडल पहले के मुकाबले काफी सस्ते हो गए, जिससे ग्राहकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई और बिक्री में तेज उछाल देखने को मिला.
त्योहारों ने भी निभाई अहम भूमिका
- अक्टूबर 2025 से दिसंबर के बीच त्योहारी सीजन का सीधा असर कार बाजार पर दिखा. इस तिमाही में कार डिस्पैच 21% बढ़कर रिकॉर्ड 12.8 लाख यूनिट तक पहुंच गया. भारत में त्योहारों के समय बड़े खरीदारी फैसले लेना शुभ माना जाता है, और इसी सोच ने ऑटो सेक्टर को जबरदस्त फायदा पहुंचाया.
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?
- मजबूत मांग को देखते हुए नोमुरा और एलारा कैपिटल जैसी ब्रोकरेज फर्म्स ने अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं. इनके अनुसार मार्च 2026 तक कार डिस्पैच में करीब 8% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि FY26 की शुरुआत में कंपनियां थोड़ी सतर्क थीं, लेकिन नए आंकड़े सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं.
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