कार का पिकअप कम होना एक आम लेकिन जरूरी समस्या है. कई बार ऐसा होता है कि कार आसानी से स्टार्ट हो जाती है, लेकिन जब आप एक्सीलेटर दबाते हैं तो गाड़ी तेजी से नहीं बढ़ती. यह समस्या छोटी लग सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. इसका कारण आमतौर पर इंजन में हवा और फ्यूल का सही बैलेंस न होना होता है.
आजकल ज्यादातर गाड़ियां फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम पर चलती हैं, जिसमें इंजन को सही मात्रा में हवा और पेट्रोल या डीजल मिलना जरूरी होता है. अगर इसमें गड़बड़ी हो जाए तो पिकअप कम हो जाता है. सबसे आम वजह गंदा एयर फिल्टर होता है. जब एयर फिल्टर धूल से भर जाता है तो इंजन को सही मात्रा में हवा नहीं मिलती और गाड़ी की ताकत कम हो जाती है. इसके अलावा थ्रॉटल बॉडी पर गंदगी जमा होने से भी एक्सीलेटर का रिस्पॉन्स धीमा हो जाता है. शहर में ज्यादा चलने वाली गाड़ियों में यह समस्या जल्दी देखने को मिलती है.
फ्यूल सिस्टम और सेंसर की खराबी का असर
अगर फ्यूल फिल्टर गंदा हो जाए या फ्यूल इंजेक्टर सही से काम न करे, तो इंजन तक सफिशिएंट फ्यूल नहीं पहुंच पाता. इससे गाड़ी स्टार्ट तो हो जाती है, लेकिन तेजी से नहीं चलती. कई बार फ्यूल पंप कमजोर हो जाता है, जो ज्यादा दबाव में सही काम नहीं करता. सेंसर भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. जैसे MAF सेंसर या ऑक्सीजन सेंसर अगर खराब हो जाएं, तो इंजन को सही जानकारी नहीं मिलती और पिकअप कम हो जाता है. इसके अलावा स्पार्क प्लग या इग्निशन कॉइल खराब होने से भी यह समस्या आती है. कुछ मामलों में ट्रांसमिशन की दिक्कत भी वजह हो सकती है. अगर ऑटोमैटिक कार में फ्लूइड कम या गंदा हो, या मैनुअल कार में क्लच प्लेट घिस गई हो, तो इंजन की ताकत पहियों तक सही से नहीं पहुंचती.
इस समस्या को कैसे ठीक करें?
अगर आपकी कार में यह समस्या आ रही है तो सबसे पहले एयर फिल्टर चेक करें और जरूरत हो तो बदल दें. हमेशा अच्छी क्वालिटी का फ्यूल इस्तेमाल करें. अगर फिर भी दिक्कत बनी रहती है, तो मैकेनिक से गाड़ी की जांच करवाएं. थ्रॉटल बॉडी की सफाई, फ्यूल इंजेक्टर सर्विस और सेंसर चेक कराने से समस्या जल्दी ठीक हो सकती है. नियमित सर्विस जैसे ऑयल बदलना और फिल्टर साफ रखना बहुत जरूरी है.
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