कार में सफर को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नए Safety Features से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत आने वाले वर्षों में कारों में Advanced Emergency Braking System (AEBS) , Emergency Lane Keeping System (ELKS) और Driver Drowsiness Warning System जैसे फीचर्स को लेकर नए नियम लागू हो सकते हैं.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 19 अक्टूबर 2026 को Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का Draft Notification जारी किया है. इस पर लोगों से 30 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं. यानी अभी ये प्रस्तावित नियम हैं इन्हें अंतिम रूप दिया जाना बाकी है.
हादसे से पहले ब्रेक लगाने में मिलेगी मदद
प्रस्ताव में Advanced Emergency Braking System का जिक्र है. यह तकनीक सामने किसी वाहन या रुकावट से टक्कर का खतरा होने पर ड्राइवर को समय रहते चेतावनी देने और जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगाने में मदद कर सकती है.
प्रस्ताव के मुताबिक नए कार मॉडल में 1 अक्टूबर 2030 से और सभी संबंधित मॉडलों में 1 अक्टूबर 2032 से यह सिस्टम अनिवार्य करने का प्रस्ताव है.
लेन से बाहर जाने पर मिलेगी चेतावनी
Emergency Lane Keeping System (ELKS) का उद्देश्य कार को उसकी लेन में बनाए रखने में मदद करना है. अगर कार अनजाने में लेन से बाहर जाने लगे तो यह सिस्टम ड्राइवर को सतर्क कर सकता है और सिस्टम की क्षमता के अनुसार स्टीयरिंग में मदद कर सकता है.
प्रस्ताव में परिवहन वाहन के रूप में रजिस्टर होने वाली संबंधित कारों में 1 अक्टूबर 2029 से यह सिस्टम अनिवार्य करने की बात कही गई है.
ड्राइवर को नींद आने पर मिलेगा अलर्ट
लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ड्राइवर को झपकी आना हादसे की वजह बन सकता है. इसे ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव में Driver Drowsiness and Attention Warning System को शामिल किया गया है. यह सिस्टम ड्राइवर की थकान या ध्यान में कमी के संकेत मिलने पर अलर्ट दे सकता है. संबंधित परिवहन वाहनों में 1 अक्टूबर 2029 से इसे अनिवार्य करने का प्रस्ताव है.
स्टीयरिंग और बच्चों की सुरक्षा पर भी जोर
प्रस्ताव में स्टीयरिंग से जुड़े सुरक्षा मानकों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा बच्चों की सीट लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ISOFIX Anchorage और Top Tether जैसे सिस्टम के लिए भी सुरक्षा मानकों का प्रावधान किया गया है.
कार में रखे सामान की सुरक्षा को लेकर भी नए मानकों का प्रस्ताव है ताकि अचानक ब्रेक लगने या टक्कर की स्थिति में सामान के खतरनाक तरीके से आगे आने का जोखिम कम किया जा सके.
कब से लागू हो सकते हैं नियम?
मंत्रालय के Draft Notification में अलग-अलग सुरक्षा सुविधाओं के लिए 2027 से 2032 तक की समयसीमा प्रस्तावित है. कुछ प्रावधान नए मॉडल की गाड़ियों पर पहले और सभी संबंधित मॉडलों पर बाद में लागू करने का प्रस्ताव रखते हैं.
ध्यान देने वाली बात
ये अभी प्रस्तावित नियम हैं. इन्हें अंतिम रूप दिए जाने और अधिसूचित किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन-से फीचर्स किन वाहनों में और किस तारीख से अनिवार्य होंगे.
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