कार को अपने हिसाब से मॉडिफाई करवाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. लोग अपनी गाड़ी को अलग दिखाने, ज्यादा आरामदायक बनाने या बेहतर परफॉर्मेंस के लिए कई तरह के बदलाव कराते हैं लेकिन बिना नियम जाने मॉडिफिकेशन करवाना आपको भारी पड़ सकता है, क्योंकि ट्रैफिक पुलिस ऐसे मामलों में चालान काट सकती है या गाड़ी जब्त भी कर सकती है. इसलिए जरूरी है कि आप कार मॉडिफिकेशन के सही तरीके और नियमों को पहले ही समझ लें.

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भारी जुर्माना और गाड़ी जब्त

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि भारत में गाड़ी के बेसिक स्ट्रक्चर यानी मूल डिजाइन से छेड़छाड़ करना कानूनन गलत है. मोटर व्हीकल एक्ट के तहत आप इंजन, चेसिस या गाड़ी की बनावट में ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं कर सकते जिससे उसकी असली पहचान बदल जाए. उदाहरण के तौर पर, इंजन बदलना, गाड़ी को पूरी तरह से दूसरी शेप में बदल देना या उसकी बॉडी काट-छांट करना गैरकानूनी माना जाता है. ऐसा करने पर भारी जुर्माना लग सकता है और गाड़ी भी जब्त की जा सकती है.

ये मोडिफिकेशन कराना रहेगा सेफ

कुछ मॉडिफिकेशन ऐसे भी होते हैं जो आमतौर पर सुरक्षित और कानूनी माने जाते हैं. जैसे आप अपनी कार में अच्छे क्वालिटी के सीट कवर लगवा सकते हैं, म्यूजिक सिस्टम अपग्रेड कर सकते हैं, फ्लोर मैट या छोटे-छोटे एक्सेसरीज जोड़ सकते हैं. इसी तरह कंपनी के नियमों के अनुसार टायर बदलना या अलॉय व्हील लगाना भी आमतौर पर ठीक रहता है, जब तक कि वह गाड़ी की सेफ्टी या परफॉर्मेंस को नुकसान न पहुंचाया जाए. ऐसे छोटे बदलाव आपकी ड्राइविंग को बेहतर बनाते हैं और आमतौर पर किसी कानूनी परेशानी का कारण नहीं बनते.

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वहीं कुछ मॉडिफिकेशन ऐसे हैं जिनसे आपको बचना चाहिए, क्योंकि ये सीधे ट्रैफिक नियमों के खिलाफ होते हैं. जैसे बहुत तेज आवाज वाला साइलेंसर लगाना, प्रेशर हॉर्न इस्तेमाल करना, गाड़ी में रंग-बिरंगी या बहुत तेज लाइट्स लगाना, काली फिल्म लगाना या फैंसी नंबर प्लेट लगाना शामिल है. इसके अलावा गाड़ी के आगे बुल बार लगाना भी बैन है, क्योंकि इससे दुर्घटना के समय पैदल यात्रियों को ज्यादा नुकसान हो सकता है. इन सब मामलों में ट्रैफिक पुलिस तुरंत चालान काट सकती है. 

सबसे पहले करें ये काम

अगर आप गाड़ी में कोई बड़ा बदलाव करना चाहते हैं. जैसे कार का रंग बदलना, CNG किट लगवाना या कोई तकनीकी बदलाव चाहते हैं तो इसके लिए पहले RTO (रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस) से अनुमति लेना जरूरी होता है. सिर्फ अनुमति लेना ही काफी नहीं है, बल्कि उस बदलाव को आपकी गाड़ी के RC में भी अपडेट करवाना पड़ता है. अगर आपने बिना अनुमति ऐसा किया, तो यह गैरकानूनी माना जाएगा. 

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