हर कार के इंजन को सही तरीके से काम करने के लिए कूलेंट की जरूरत होती है. यह इंजन को गर्म होने से बचाता है और अंदर के पार्ट्स को जंग और नुकसान से दूर रखता है. लेकिन कई बार लोग कूलेंट बदलते वक्त छोटी‑छोटी गलतियां कर देते हैं, जो इंजन को नुकसान पहुंचा सकती हैं. अगर आप अपनी कार को लंबे समय तक ठीक रखना चाहते हैं, तो इन पांच गलतियों से बचना बेहद जरूरी है.
गलत कूलेंट का इस्तेमाल करना
आपके लिए पहली चीज जानना यह जरूरी है कि हर कार के लिए अलग प्रकार का कूलेंट होता है. अगर आप अपनी कार के मॉडल के हिसाब से सही कूलेंट नहीं चुनेंगे, तो इंजन के अंदर जमा गंदगी और जंग बढ़ सकती है. इसलिए हमेशा कार की मैनुअल गाइडलाइन देखकर ही कूलेंट खरीदें.
पुराने कूलेंट को पूरी तरह न निकालना
कई लोग सिर्फ थोड़ा पुराना कूलेंट निकालते हैं और नया डाल देते हैं. ऐसा करने से नया कूलेंट सही से काम नहीं करता और इंजन पूरी तरह ठंडा नहीं रहता. इसलिए पुराने कूलेंट को पूरी तरह निकालकर ही नया भरने की जरूरत होती है.
कूलेंट को ज्यादा या कम भरना
अगर कूलेंट ज्यादा भर दिया जाए, तो इंजन में प्रेशर बढ़ सकता है और लीकेज की समस्या आ सकती है. वहीं अगर कूलेंट कम रहेगा, तो इंजन सही से ठंडा नहीं होगा और ओवरहीट होने का खतरा बढ़ जाएगा. इसलिए हमेशा मैनुअल में बताए गए लेवल के अनुसार ही कूलेंट को भरें.
इंजन गर्म होने पर कूलेंट बदलना
इसके अलावा इंजन गर्म होने पर कूलेंट बदलना भी बेहद जरूरी हो जाता है. कई लोग बिना इंजन ठंडा किए ही कूलेंट बदलने लगते हैं. ऐसा करना खतरनाक हो सकता है क्योंकि हॉट कूलेंट बाहर निकल सकता है और चोट लग सकती है. इसलिए हमेशा इंजन पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही काम शुरू करें.
सिस्टम को एयर फ्री करना
कूलेंट सिस्टम में हवा रह जाती है, तो कूलेंट सही से पूरे इंजन में नहीं पहुंच पाता और इंजन गर्म होने लगता है.कूलेंट भरने के बाद हमेशा सिस्टम को एयर फ्री करना जरूरी है.
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