Car Maintenance Monsoon Tips : बारिश का मौसम आते ही जहां गर्मी से राहत मिलती है, वहीं कार मालिकों की चिंता भी बढ़ जाती है. सड़कों पर जमा पानी, कीचड़ और लगातार बढ़ी हुई नमी का सीधा असर कार की बॉडी और मेटल पार्ट्स पर पड़ता है. खासकर कार के निचले हिस्से में पानी और गंदगी लंबे समय तक जमा रहने से जंग लगने का खतरा बढ़ सकता है. अगर इसे समय रहते नजरअंदाज किया जाए तो जंग धीरे-धीरे कार के मेटल हिस्सों को कमजोर कर सकती है और बाद में रिपेयरिंग का खर्च भी बढ़ सकता है. ऐसे में मानसून के दौरान कार की थोड़ी सी अतिरिक्त देखभाल काफी काम आ सकती है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि बारिश में कार में न लग जाए जंग न लग जाए, इसके लिए समय रहते क्या काम कर लें. 

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बारिश में कार को जंग लगने से बचाने के लिए कर लें ये काम

1. एंटी-रस्ट कोटिंग - कार का निचला हिस्सा बारिश के पानी, कीचड़ और गंदे पानी के सीधे संपर्क में रहता है. ऐसे में अंडरबॉडी पर एंटी-रस्ट कोटिंग कराना एक ऑप्शन हो सकता है. यह मेटल के ऊपर सुरक्षा की एक परत बनाती है, जिससे पानी और नमी का सीधा असर कम होता है. खासकर उन लोगों के लिए यह उपयोगी हो सकती है, जो बारिश में ज्यादा ड्राइव करते हैं या लगातार पानी और कीचड़ वाली सड़कों से गुजरते हैं. इसे कार डिटेलिंग या सर्विस सेंटर पर कराया जा सकता है. 

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2. कार को धोकर सुखाएं - बारिश में कार चलाने के बाद उसे सिर्फ बारिश से धुली हुई समझकर छोड़ना सही नहीं है. पानी के साथ आई मिट्टी और गंदगी कार की सतह पर चिपकी रह सकती है. इसलिए कार को साफ पानी से धोने के बाद माइक्रोफाइबर कपड़े से अच्छी तरह सुखाएं. गंदी सतह को सीधे सूखे कपड़े से रगड़ने से पेंट पर हल्के स्क्रैच भी पड़ सकते हैं. पहले पानी से धूल-मिट्टी हटाना बेहतर रहता है. 

3. स्क्रैच और उखड़ा पेंट ठीक कराएं - कार की बॉडी पर मौजूद डेंट, स्क्रैच या उखड़ा हुआ पेंट मेटल को हवा और पानी के संपर्क में ला सकता है. ऐसे हिस्सों से जंग लगने की शुरुआत हो सकती है, इसलिए मानसून में कार पर इस तरह की खराबी दिखाई दे तो उसे समय रहते ठीक कराना बेहतर है. 

4. ड्रेनेज होल्स रखें साफ - कार के दरवाजों, बॉनेट, डिग्गी और सनरूफ के आसपास पानी बाहर निकालने के लिए छोटे ड्रेनेज होल्स होते हैं. इनमें धूल या सूखे पत्ते जमा होने पर पानी रुक सकता है. इसलिए इनकी सफाई करते रहना जरूरी है, जिससे पानी लंबे समय तक जमा न रहे. 

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5. साइलेंसर और दूसरे मेटल पार्ट्स की देखभाल - बारिश के दौरान कार के नीचे लगे साइलेंसर और दूसरे मेटल पार्ट्स पर भी पानी और कीचड़ का असर पड़ता है. ऐसे हिस्सों के लिए साइलेंसर कोटिंग का ऑप्शन मौजूद है. हालांकि किसी भी कोटिंग से पहले यह देखना जरूरी है कि वह संबंधित पार्ट के लिए सुरक्षित और उपयुक्त है या नहीं. 

6. सेरामिक कोटिंग का ऑप्शन - कार के पेंट को बारिश, धूल और पानी के दाग से बचाने के लिए सेरामिक कोटिंग भी कराई जा सकती है. यह पेंटेड सतह पर सुरक्षा की एक परत बनाती है और पानी को सतह पर टिकने के जगह बहने में मदद कर सकती है. इसकी कीमत कार के मॉडल और कोटिंग की क्वालिटी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. 

टायर, ब्रेक और वाइपर को न करें नजरअंदाज

बारिश में टायर और व्हील के आसपास मिट्टी और पानी जमा होता है. ब्रेक डिस्क जैसे मेटल हिस्सों पर भी नमी के कारण सतही जंग दिखाई दे सकती है. इसलिए इनकी नियमित सफाई जरूरी है. वहीं तेज बारिश में साफ दिखाई देने के लिए वाइपर ब्लेड भी सही हालत में होने चाहिए. अगर वाइपर चलाने के बाद शीशे पर पानी या धुंधली लकीरें रह जाती हैं, तो जरूरत पड़ने पर ब्लेड बदलवा लें. इससे बारिश में कार की नियमित सफाई और जरूरी हिस्सों की जांच करके जंग और दूसरी परेशानियों से बचाव किया जा सकता है. 

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