Car Engine Oil Identification Tips : डेली कार चलाने के बाद भी कई बार लोग ऑयल की क्वालिटी पर ध्यान नहीं देते और नकली या खराब इंजन ऑयल यूज कर लेते हैं. इससे इंजन की परफॉर्मेंस खराब होने लगती है और बाद में भारी खर्च उठाना पड़ सकता है. आजकल बाजार में नकली इंजन ऑयल का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे ऑयल में सही केमिकल्स और जरूरी एडिटिव्स नहीं होते हैं, जिसकी वजह से इंजन को पूरी सुरक्षा नहीं मिलती है.
धीरे-धीरे इंजन के पार्ट्स खराब होने लगते हैं, माइलेज कम हो जाता है और कई बार इंजन सीज होने तक की नौबत आ जाती है. ऐसे में अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपकी कार का ऑयल अच्छा है या खराब, तो कुछ आसान तरीकों से इसकी पहचान की जा सकती है. तो आइए जानते हैं कार का ऑयल खराब है या अच्छा कैसे पता करें और किन तीन तरीकों से पहचान होती है.
1. ऑयल के रंग और गाढ़ेपन से करें पहचान - इंजन ऑयल की क्वालिटी पहचानने का सबसे आसान तरीका उसका रंग और टेक्सचर देखना है. नया और अच्छा इंजन ऑयल आमतौर पर हल्का सुनहरा या एंबर रंग का होता है. यह साफ और स्मूद दिखाई देता है. अगर ऑयल बहुत ज्यादा काला, गाढ़ा या उसमें गंदगी नजर आए तो समझ जाएं कि ऑयल खराब हो चुका है. कई बार नकली ऑयल में पानी जैसी पतली बनावट भी देखने को मिलती है, जो इंजन के लिए नुकसानदायक होती है. अगर ऑयल से तेज जली हुई या खराब गंध आए तो यह भी खराब क्वालिटी का संकेत हो सकता है. इसके ऑयल का बहुत ज्यादा काला होना या ऑयल में मिट्टी या कण दिखाई देना, साथ ही बहुत ज्यादा पतला या चिपचिपा होना और जली हुई बदबू आना खराब ऑयल के संकेत हो सकते हैं.
2. पैकेजिंग और सील को ध्यान से देखें - नकली इंजन ऑयल की पहचान उसकी पैकेजिंग से भी की जा सकती है. असली कंपनियों के ऑयल की पैकिंग काफी साफ और प्रोफेशनल होती है. वहीं नकली प्रोडक्ट में कई छोटी गलतियां नजर आ जाती हैं.अगर बोतल पर प्रिंटिंग धुंधली हो, स्पेलिंग गलत हो या लोगो टेढ़ा दिखाई दे तो सावधान हो जाएं. इसके अलावा कैप ढीली हो या पहले से खुली लगे तो ऐसे ऑयल को खरीदने से बचना चाहिए. आजकल ज्यादातर बड़ी कंपनियां QR कोड और बैच नंबर देती हैं, जिससे प्रोडक्ट की जांच की जा सकती है. अगर ये नंबर गायब हों या सही तरीके से प्रिंट न हों तो ऑयल नकली हो सकता है. इसलिए पैकेजिंग में ध्यान रखें कि बोतल की सील टूटी हुई न हो, QR कोड और बैच नंबर मौजूद हों, लेबल साफ और अच्छी क्वालिटी का हो, साथ ही कंपनी का लोगो सही तरीके से प्रिंट हो.
3. कार की परफॉर्मेंस - अगर आपकी कार पहले की तुलना में अलग परफॉर्मेंस देने लगे तो यह भी खराब इंजन ऑयल का संकेत हो सकता है. खराब या पुराना ऑयल इंजन को सही तरीके से लुब्रिकेट नहीं कर पाता, जिससे कई दिक्कतें शुरू हो जाती हैं. जैसे अगर इंजन से खट-खट या टिक-टिक जैसी आवाजें आने लगें तो इसका मतलब हो सकता है कि ऑयल अपना काम ठीक से नहीं कर रहा है. ऐसा तब होता है जब इंजन के पार्ट्स आपस में ज्यादा रगड़ खाते हैं. इसके अलावा पुराना या खराब ऑयल इंजन की गर्मी कम नहीं कर पाता है. इससे इंजन जल्दी गर्म होने लगता है और ओवरहीटिंग की समस्या हो सकती है. साथ ही अगर अचानक कार का माइलेज घटने लगे तो इसकी वजह खराब इंजन ऑयल भी हो सकता है. सही लुब्रिकेशन न मिलने पर इंजन ज्यादा मेहनत करता है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है. कार की पिकअप कम होना, गाड़ी का भारी महसूस होना या बार-बार रुकना भी खराब ऑयल का संकेत हो सकता है.
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नकली इंजन ऑयल से क्या नुकसान हो सकते हैं?
खराब या नकली ऑयल यूज करने से इंजन के अंदर स्लज जमा होने लगता है. इससे इंजन की लाइफ कम हो जाती है. टर्बो इंजन और हाई परफॉर्मेंस कारों में इसका खतरा और ज्यादा होता है क्योंकि ऐसे इंजन को बेहतर क्वालिटी वाले ऑयल की जरूरत होती है. नकली ऑयल के कारण इंजन जल्दी घिस सकता है. साथ ही इंजन ओवरहीट हो सकता है. इसके अलावा फ्यूल एफिशिएंसी कम हो सकती है.नकली ऑयल से इंजन सीज होने का खतरा बढ़ सकता है और महंगे रिपेयर का खर्च आ सकता है.
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