सर्दियों के मौसम में जब चारों तरफ घना कोहरा छा जाता है, तो गाड़ी चलाना बहुत मुश्किल हो जाता है. सड़क साफ दिखाई नहीं देती और आगे चल रहे वाहन का अंदाजा लगाना भी कठिन हो जाता है. ऐसे हालात में छोटी सी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. इसी वजह से यह जानना बहुत जरूरी है कि कोहरे में गाड़ी चलाते वक्त हेडलाइट्स को कैसे इस्तेमाल करना चाहिए. आइए विस्तार से जानते हैं.
Low Beam या High Beam, कौन-सा है सही?
- अक्सर लोग कोहरे में हाई बीम जलाकर गाड़ी चलाने लगते हैं, लेकिन यह सबसे बड़ी गलती होती है. हाई बीम की तेज रोशनी कोहरे में मौजूद पानी की बूंदों से टकराकर वापस आंखों पर पड़ती है. इससे सामने की सड़क और भी कम दिखने लगती है और आंखों में चकाचौंध होती है. वहीं, दूसरी तरफ, Low Beam लाइट नीचे की ओर रोशनी डालती है, जिससे सड़क की सतह ज्यादा साफ दिखाई देती है. लो बीम की रोशनी कोहरा चीरकर नीचे से निकलती है और ड्राइवर को बेहतर व्यू मिलता है. इसलिए कोहरे में हमेशा Low Beam का ही इस्तेमाल करना चाहिए.
हाई बीम से क्यों बढ़ता है खतरा?
- हाई बीम का इस्तेमाल करने से ऐसा लगता है जैसे आपकी कार के सामने सफेद दीवार खड़ी हो गई हो. रोशनी चारों तरफ फैल जाती है और कोहरा और ज्यादा घना दिखने लगता है. इससे न तो आगे की गाड़ी दिखती है और न ही सड़क के मोड़ या गड्ढे. यही वजह है कि कोहरे में हाई बीम पर गाड़ी चलाना खतरे को बुलावा देना है.
कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के आसान टिप्स
- कोहरे में गाड़ी चलाते समय स्पीड बहुत कम रखें. कोशिश करें कि 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा तेज न चलाएं. इससे अचानक सामने कुछ आ जाने पर ब्रेक लगाने का समय मिल जाता है. अगर आपकी कार में फॉग लाइट है, तो उसका इस्तेमाल जरूर करें. फॉग लाइट नीचे की ओर रोशनी देती है और विजिबिलिटी बेहतर बनाती है. इसके अलावा, कार के अंदर शीशों पर धुंध जम जाती है. ऐसे में रियर और फ्रंट ग्लास को साफ रखने के लिए डीफॉगर का इस्तेमाल करें, ताकि पीछे से आने वाला वाहन साफ दिख सके.
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